मऊ। क्षेत्र पंचायतों को पिछले डेढ़ साल से वित्तीय स्वीकृतियों से वंचित रखने से नाराज जिले के सभी नौ ब्लाक प्रमुखों और बीडीसी ने जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद बुधवार को अपनी हड़ताल समाप्त कर दिया। जिलाधिकारी ने क्षेत्रपंचायत अध्यक्षों के प्रस्ताव पर सात दिन के अंदर वित्तीय स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। ब्लाक प्रमुख संघ के अध्यक्ष सुजीत सिंह से मोबाइल फोन पर हुई वार्ता के बाद जनपद के सभी ब्लाकों पर की जा रही तालाबंदी और धरन समाप्त कर दिया गया।
घोसी संवाददाता के अनुसार ब्लाक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष व घोसी प्रमुख सुजीत सिंह के नेतृत्वमें बीडीसी,प्रधानों ने क्षेत्र पंचायत को मनरेगा में कार्य स्वीकृति न मिलने को लेकर दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन किया।शाम को उपजिलाधिकारी सीएल सोनकर ने धरना थल पर जाकर आश्वाशन पर की जिलाधिकारी ने आपलोगों की मांगों पर एक सप्ताह के अंदर समाधान कर दिया जाएगा। सुजीत सिंह ने डीएम से वार्ता की तो उन्होंने इस पर सहमति जताई।
प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत सिंह ने इससे पूर्व धरना थ्ज्ञल पर कहा कि मनरेगा से कार्य करने की स्वीकृति न मिलने से गांवो में विकास कार्य ठप है। उपजिलाधिकारी ने कहा कि आप सबकी मांगो के प्रति जिलाधिकारी गम्भीर है।उन्हों ने मुझे निर्देश दिया है कि आप की मांगों पर एक सप्ताह के अंदर समाधान कर दिया जाए। कहा कि प्रसाशनिक कार्यालय पर तालाबंदी उचित नहीं है। धरना स्थल पर राजेन्द्र पाण्डेय, खुर्शीद खान, दयाशंकर सिंह, संजय चौहान, लालचंद्र यादव आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर रामभवन चौहान, महेंद्र यादव, रामचन्द्र आदि रहे। रानीपुर : प्रमुख प्रतिनिधि अरुण सिंह बीडीसी सदस्य समर्थको के साथ पहुँच तालाबंदी कर ब्लाक परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। डीएम के आश्वासन की सूचना पर धरना समाप्त कर दिया। मधुबन : बुधवार को भी ब्लाक प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। लगभग चार बजे जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार हरिश्चंद्र त्रिपाठी ने जाकर पत्रक लिया और सरकार द्वारा सभी शर्ते मान लेने का आश्वासन दिया तब जाकर बुधवार की शाम क्षेत्र पंचायत सदस्यों का धरना खत्म हुआ।