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दलित के साथ मारपीट करने के मामले में पांच को दो वर्ष की सजा

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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने दलित के साथ मारपीट और धमकी देने के मामले में नामजद पांच आरोपियों को सुनवाई के बाद गुरुवार को दोषी पाया। सभी को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ 14-14 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र के टड़ियाव गांव का है।
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मामले के अनुसार, टड़ियांव गांव निवासी कवलभान की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि वह धोबी जाति का है। जमीन की रंजिश को लेकर उसके गांव के ही संजय सिंह और बबलू सिंह पुत्रगण रामबचन सिंह, मुन्ना सिंह पुत्र त्रिभुवन सिंह, रामजन्म सिंह पुत्र घूरहू सिंह तथा सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर गांव निवासी रामजी यादव पुत्र रामरुप यादव ने सात दिसंबर 2002 को उसे उसके भाई, उसकी औरत, लड़की को गाली देते हुए घर में घुसकर मारापीटा। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एसपीओ धर्मेंद्र तिवारी ने नौ गवाह पेश किए।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण संजय, बबलू सिंह, मुन्ना सिंह , रामजन्म सिंह और रामजी यादव को दो-दो साल की सजा और 14 हजार का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही जुर्माना जमा हो जाने के बाद उसमें से बतौर क्षतिपूर्ति घायल कवलभान, कुन्दन और भोला को 80 प्रतिशन राशि बराबर-बराबर देने का आदेश दिया।
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