अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद ने एससीएसटी के साथ मारपीट के मामले में नामजद पांच आरोपियों को मंगलवार को दोषी पाया। फैसला सुनाए जाते समय दोषी पाए गए तीन लोगों के अनुपस्थित होने के चलते उनके विरुद्व गैरजमानतीय वारंट जारी करने के साथ ही उनके जमानतदारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। वही दो लोगों को न्यायिक अभिरक्षा लेकर जेल भेज दिया। साथ ही मामले में सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि नियत किया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा, राजकिशोर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि वह अनुसूचित जाति का है। तथा उसकी पत्नी अलीपुर गांव की प्रधान है। हिसामपुर ग्राम भी उसी ग्राम सभा में आता है। चुनावी रंजिश को लेकर तीन फरवरी 2006 को आरोपीगण हिसामपुर गांव निवासी केदार पुत्र श्रीपति, गजेंद्र पुत्र सूर्यनाथ, रामगोविंद यादव पुत्र केदार, शिवनाथ पुत्र श्रीपति और सूर्यनाथ यादव पुत्र श्रीपति उसे और शिवानंद को गाली गलौज करते हुए मारेपीटे तथा जान से मारने की धमकी दिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवचेना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एसपीओ ने पांच गवाह पेश किए। एडीजे ने नामजद सभी आरोपियों को मारपीट का दोषी पाया। दो आरोपियों केदार, गजेंद्र, रामगोविंद के अनुपस्थित रहने पर गैरजमानतीवारंट जारी करने का आदेश दिया। जबकि शिवनाथ और सूर्यनाथ को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।