रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्री 15 किमी दूर जिला मुख्यालय पर ट्रेन पकड़ने जाते हैं। कई बार रेलवे से मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, इस मसले पर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी यात्रियों पर भारी पड़ रही है।
वाराणसी-भटनी रेल मार्ग पर पिपरीडीह रेलवे स्टेशन से रोजाना दो सैकड़ा से ज्यादा यात्री मऊ, बलिया , आजमगढ़ के अलावा बनारस जाते हैं। लेकिन स्टेशन पर केवल वाराणसी भटनी पैसेंजर, शाहगंज जौनपुर पैसेंजर, डीएमयू, तमसा पैसेंजर के अलावा कोई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। जबकि स्टेशन से रोजाना लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, कृषक एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, आनंद विहार एक्सप्रेस, समर स्पेशल एक्सप्रेस, दुर्ग एक्सप्रेस, कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित एक दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने से यात्रियों को मजबूरन 15 किमी मऊ स्टेशन जाकर एक्सप्रेस ट्रेनों को पकड़ना पड़ता है। क्षेत्रवासी हीरा राम, गिरीश, कुंदन, सुबोध सिंह, लवकुमार गुप्ता, गुड्डू सिंह, दिनेश विश्वकर्मा आदि लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
पिपरीडीह। एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने के साथ स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। स्टेेशन पर एक ही टिकट खिड़की होने के कारण ट्रेनो के आने के समय यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। वहीं स्टेशन पर लगे टीनशेड जर्जर हाल मे हो चुके है जिसके चलते हल्की बरसात में भी पानी टपकता है। स्टेशन पर कैंटीन की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को बाहर से खाने पीने का सामान लाना पड़ता है। प्रतीक्षालय भवन न होने से यात्रियों खुले में बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना मजबूरी है। इस बावत स्टेशन अधिक्षक दर्दन राम वर्मा का कहना है कि रेलवे स्टेशन का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही सुविधाएं बहाल हो जायेगी।