मधुबन। मंत्री दारा सिंह चौहान के आश्वासन के बाद शुक्रवार की शाम को तहसील पर बैठीं महिलाओं ने अनशन समाप्त कर दिया। बताते चलें कि गुरुवार से थाना क्षेत्र के गुरुम्हा निवासिनी सरोज पत्नी सन्तदेव अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ गांव में अपनी भूमिधरी आदि से कब्जा हटवाने और अपने हिस्से की मांग को लेकर 18 जनवरी गुरुवार से तहसील मुख्यालय पर परिवार सहित आमरण अनशन शुरू किया था।
इसके बाद भी अगर प्रशासन कार्यवाई नही करता है तो 24 जनवरी को आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इस संबंध में उसने मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी को भेजकर सूचित भी किया था। साथ ही सरोज तहसीलदार के अर्दली और लेखपाल पर नापी करने के बदले पैसे मांगने का भी आरोप लगाया था।इसी कड़ी में सरोज अपने बच्चों और परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठ गई।पूरा परिवार रात में तहसील प्रांगण में कंपकपाती ठंड के बीच पड़ा रहा।शुक्रवार को भी पूरा दिन सरोज अनशन पर थी लेकिन किसी भी अधिकारी ने उसकी सुधि नही ली।महिलाओं को इस तरह अपने हक के लिए लड़ते देख लोंगो का कलेजा कांप गया।लोंगो ने इसे स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता करार दिया।बताते है कि कुछ लोंगो ने महिलाओं के इस अनशन और प्रशासन की संवेदन हीनता को मंत्री दारासिंह चौहान से शिकायत किया।इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम निरंकार सिंह ने शाम पांच बजे तहसील में जाकर महिलाओं को लिखित आश्वासन दिया तब जाकर महिलाओं ने अनशन खत्म किया।