मऊ। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सिंह सिंहेल ने फिल्मकार संजय लीला भंसाली द्वारा ऐतिहासिक फिल्म पद्मावती के विरोध को सिर्फ एक चुनावी स्टंट बताया है।
रविवार को नगर के ग्रीन स्ट्रीट में हुई बैठक में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी समाज के मान सम्मान और स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने को भारत का संविधान इजाजत नहीं देता। कहा कि 1952 सिनेमा एक्ट के तहत किसी फिल्म के प्रदर्शन के पहले सेंसर बोर्ड में अनुमति के लिए आवेदन से 68 दिनों का समय लगता है। इस बीच इस फिल्म के आवेदन से लेकर उसके प्रोमो रिलीज कर हवा देना महज एक चुुनावी स्टंट प्रतीत हो रहा है क्यों कि इन दिनों कई प्रदेशों में चुनाव है। यह स्टंट क्षत्रिय मतों को प्रभावित कर अपने पक्ष में करने के लिए उद्देश्य स किया जा रहा है, जनता और वहां के क्षत्रिय समाज के लोग भी इसे अब समझ रहे हैं। बैठक में मुख्य रूप से अविनाश, विकास, विशाल, राजेश, सुनील, अमित करण, राहुल, ज्योतिश, प्रकाश, मनोज, धीरज, पवन आदि उपस्थित रहे।