बढुआ गोदाम(मऊ)। परदहां ब्लाक क्षेत्र के अधिकांश गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसा सफाईकर्मियों की उदासीनता और मनमाने रवैये से हो रहा। सफाई न होने से चारों ओर गंदगी और कूड़े कचरे का अंबार लगा है। सार्वजनिक नालियां जाम होने से गंदा पानी इधर उधर फैल रहा है। इसके चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है।
ब्लाक के अंतगर्त गोहटा, ताजोपुर, परदहा, बकवल, बढुआगोदाम, परदहा, पिपरीडीह, कहिनौर, वनदेवी सहित 51 गांवों की करीब 50 हजार आबादी बीते कई माह से कचरा तथा नालियों की सफाई न होने से परेशान हैं। व्याप्त गंदगी और पानी की निकासी न होने से मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है। हालत यह है कि दिन मच्छर की वजह से लोग एक जगह चैन से बैठ भी नहीं पाते हैं। रात में सोना मुश्किल हो रहा है, लेकिन ब्लाक के अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। जबकि इन गांवों में साफ सफाई के लिए 120 सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं। एक सफाई पर 23 हजार प्रतिमाह के हिसाब से ब्लाक द्वारा प्रतिमाह लगभग 27लाख 60 हजार बतौर वेतन भुगतान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सफाई उपकरणों में होने वाला व्यय अलग है। औसतन प्रति गांव में दो कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद चारों तरफ फैली गंदगी विभागीय अधिकारी की उदासीनता का परिणाम है। गोहटा गांव निवासी अशोक यादव, कहिनौर गांव निवासी रामजनम, ताजोपुर गांव निवासी शशिकांत सिंह और अजय बहादुर ने बताया कि गांव में सफाई कर्मचारी आते नहीं और कई सालों से गांव में कभी मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिडकाव नहीं हुआ। खंड विकास अधिकारी छोटेलाल तिवारी का कहना है कि गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। अगर गंदगी मिली तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।