ब्लाक क्षेत्र के दो विद्युत उपकेंद्र में तैनात संविदाकर्मी 10 माह से मानदेय न मिलने के विरोध में शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए। नतीजतन उपकेंद्र से संबद्ध 70 गांवों में विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। उधर, प्रशासन की तरफ से कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने से बिजली संकट बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
रतनपुरा विद्युत उपकेंद्र तथा अइलख विद्युत उपकेंद्र से 70 गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। दोनों विद्युत उपकेंद्रों में 30 संविदाकर्मी तैनात हैं। हालत यह है कि इन संविदाकर्मियों को लगातार 10 माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके विरोध में संविदाकर्मियां ने हड़ताल शुरू कर दी। बिजलीकर्मियों ने मानदेय नहीं मिलने की स्थिति में विद्युत उपकेंद्रों पर सभा कर आंदोलन तेज करने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। संविदाकर्मियों का कहना था कि ठेकेदार द्वारा अगस्त 2017 से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उनके समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ऐसे में वह भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। इस बारे में विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता तथा उप मंडल अभियंता से बात की गई, लेकिन वह आश्वासन देकर उन्हें टरकाते रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उन्हें मानदेय नहीं दिया गया तो वह आंदोलन को और तेज करेंगे।
सभा में हरेश्याम वर्मा, मनीष कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, सुग्रीव कुमार मौर्या, विनय यादव, ,रामप्रवेश राम, महेश ,लालजी राजभर, महेंद्र राजभर, राजू राजभर, बालचंद ,अवधेश यादव ,गामा भारती, सुशील कुमार वर्मा, बब्बन सिंह, संजय कुमार राजेश शर्मा ,हरिशंकर ,स्वामीनाथ, शिवपति वर्मा ,अर्जुन भारती, विनय कुमार गुप्ता आदि शामिल रहे।
उधर संविदाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से दोनों विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। विद्युत उपकेंद्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आए फाल्ट को ठीक करने के लिए विभाग की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। बिजली गुल रहने से जहां कृषि कार्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं गर्मी व उमस के चलते ग्रामीण परेशान हो रहे।
इस बाबत विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता राजकुमार यादव का कहना है कि रतनपुरा तथा अइलख विद्युत उपकेंद्र के संविदाकर्मियों का ठेकेदार लंबे समय से नहीं आ रहा है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।