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Mau News: घरेलू कनेक्शन से चार्ज हो रहे 6650 ई-रिक्शा, गर्मी में बढ़ेगा लोड

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मऊ। जिले में बढ़ते ई-रिक्शा से सड़कें पट चुकी हैं। एक ओर जहां शहर और कस्बों में यातायात व्यवस्था बिगड़ी है वहीं दूसरी ओर बिजली उपभोक्ताओं की भी परेशानी बढ़ने वाली है। जिले में पंजीकृत 6650 ई-रिक्शा के लिए चार्जिंग स्टेशन नहीं बनाया गया है, जिससे इन्हें घरेलू कनेक्शन से ही चार्ज किया जाता है।
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ऐसे में जहां लोड बढ़ने से फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। वहीं बिजली निगम को भी रोजाना हजारों रुपये की चपत लग रही है। एआरटीओ कार्यालय में 6650 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें से 2500 केवल मऊ शहर में हैं।
एक ई-रिक्शा में 130 या 150 एंपीयर की चार बैटरियां लगी होती हैं। इन्हें एक बार फुल चार्ज करने में 7 से 8 यूनिट बिजली खर्च होती है। चार्ज करने के बाद 110 किमी की दूरी तय करता है।
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ई-रिक्शा चार्ज करने के लिए शहर की घनी बस्ती में लोकल चार्जिंग प्वाइंट बनाया गया है, जहां शुल्क लेकर ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे हैं।
लेकिन गांवों में चेकिंग के लिए घूम रही बिजली निगम की टीम को इसकी भनक तक नहीं है। रात होते ही सभी ई-रिक्शा इन प्वाइंटों पर पहुंच जाते हैं। वहीं ग्रामीण इलाके में लोग घरेलू कनेक्शन से या बाइपास से बैटरी चार्ज करते हैं। जबकि इसे व्यवसायिक कनेक्शन से चार्ज करना चाहिए। उत्तर प्रदेश बिजली निगम घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ता से प्रति यूनिट 4.5 रुपये और व्यवसायिक कनेक्शन वाले उपभोक्ता से 8 से 9 रुपये प्रति यूनिट बिल वसूलता है। वहीं शनिवार को वाहनों की जांच की गई।
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