खुरहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मरीज अशुद्ध पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। अस्पताल में शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए लगा ओवरहेड टैंक बीते कई सालों से बंद पड़ा हुआ है। इसके चलते अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज हैंडपंप से पानी पीने को मजबूर हैं। शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है।
शासन द्वारा रानीपुर ब्लाक के खुरहट, धर्मसिपुर, कसारी, अमरहट, अमारी, हाजीपुर, महासो, बड़ार, चक्रदेवा सहित 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए खुरहट में 1985 में पीएचसी स्थापित किया गया है। वर्तमान में अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाओं के साथ अन्य सुविधाएं यहां ध्वस्त हो चुकी है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को शुद्ध जल ना मिलने से हो रही है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को शुद्ध जल मुहैया कराने के लिए स्थापित ओवरहेड टैंक पिछले कई सालों से खराब पड़ा है। सूत्रों की माने तो स्थापित होने के बाद ओवरहेड टैंक केवल एक ही बार चला, उसके बाद से बेकार पड़ा है। ऐसे में पीएचसी में मरीजों को बाहर दुकानों से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा। या अस्पताल परिसर में लगे दो हैंडपंपों से पानी पीने की मजबूरी है। स्थानीय निवासी रवि, गौतम, जितेंद्र, आशोक, आलोक, पिंटू आदि का कहना है कि कई बार इसे दुरस्त कराने की मांग स्थानीय अधिकारी के अलावा विभाग के आला अधिकारियों से कर चुके है। बावजूद इसे दुरस्त नहीं कराया जा रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश गौतम का कहना है कि समस्या के संबंध में आला अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।