शहर की मस्जिदों और घरों की छतो पर रविवार की शाम लोग रमजान के चांद के दीदार को पहुंचे। लेकिन चांद नजर नहीं आया। ऐसे में रोजा अब सोमवार से न होकर मंगलवार से होगा। शहर की करीब तीन सौ मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके लिए मस्जिदों में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। हालांकि लोग सोशल मीडिया पर एक दूसरे से संपर्क में लगे रहे।
रुइयते हेलाल कमेटी के सदस्य मुफ्ती अनवर अली ने बताया कि रविवार की शाम तक चांद की तस्दीक नहीं हो सकी थी। यदि देर रात तक भी तस्दीक नहीं हुई तो मंगलवा से रमजान का आगाह होगा। सोमवार को बाद नमाजे इशा मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज शुरू हो जाएगी। पहला रोजा मंगलवार को होगा। बताया कि मऊ शहर में कासिमपुरा स्थित दरुलउलूम पर रात को साढ़े आठ बजे से, मस्जिद तकीया बुलाकी पुरा में रात साढ़े आठ बजे से, धोबिया ईमली जामा मस्जिद में सवा आठ बजे से, बुलाकी पुरा स्थित आयशा मस्जिद में रात साढ़े आठ बजे से, खीरी बाग स्थित शाखे हरम मस्जिद में में रात साढ़े आठ बजे से, नुरनी मस्जिद में साढे आठ बजे से, रौजा जामा मस्जिद सवा आठ बजे से, बुलाकी पुरा स्थित गृहस्थ मस्जिद में रात साढे आठ बजे से तरावीह पढ़ी जाती है। इसके अलावा मस्जिद होजैफा में रात साढे आठ बजे से, इस्लामपुरा स्थित मस्जिद उमर फारुख में रात साढ़े आठ बजे से, दानियाल मस्जिद में रात साढे आठ बजे से, मुर्गईया मस्जिद में में भी रात साढे आठ बजे से तरावीह की नमाज अदा की जाएगी।
उधर, शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में चांद को लेकर चर्चाएं होती रहीं। हर शख्स एक दूसरे से चांद की तस्दीक में जुटा रहा। हालांकि लोगों ने तरावीह के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।