मऊ। परदहा ब्लॉक के रैनी क्षेत्र आंगनबाड़ी केंद्र में ममता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संतुलित आहार लेने की जानकारी दी गईं।लाभार्थियों को पोषाहार के पैकेटों का वितरण किया गया।
इस मौके पर डिवीजनल कोआर्डिनेटर शुभम गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित जच्चा.बच्चा के लिए महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के पश्चात संतुलित एवं अच्छे खानपान की आवश्यकता होती है ताकि दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहे और कुपोषण से मुक्त हो सके।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनाए जाने वाले ममता दिवस का उद्देश्य हाल ही बनी माताओं को पोषाहार और उपहार देकर सम्मानित किया जाता है। एक चैंपियन के रूप में समुदाय के सामने बेहतर उदाहरण के रूप में पेश किया जाता है जिससे समुदाय में अन्य महिलाएं भी स्वास्थ्य एवं पोषाहार के प्रति जागरूक हो सकें। प्रसव से पूर्व एवं पश्चात संतुलित आहार एवं प्रोटीन व विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अपने खानपान में करना चाहिए जिससे जच्चा.बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें। सुबह गुड़ और चना खाने से शरीर में आयरन की बढ़ोतरी में सहायता मिलती है। गाजर, चुकंदर, अनार आदि के खाने से शरीर में खून में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि अक्सर महिलाओं और किशोरियों में खून की कमी पाई जाती है। जिसका कारण सही खानपान न हो पाना है। इसकी वजह से शरीर में थकावट और चिड़चिड़ापन आता है। उन्होने बताया कि किशोरियाँ ही आगे चलकर मां बनती है इसीलिए किशोरावस्था से ही बेहतर एवं संतुलित खानपान लेना चाहिए।