मऊ। नगर की आवोहवा को प्रदूषित करने में हमारे घरों से निकलने वाला कचरा भी शामिल है। नगर पालिका द्वारा वार्डों से निकलने वाला सैकड़ों टन कचरा बिना किसी प्रोसेस किए इसे शहर के कुछ रिहायशी जगहों पर खुले में डंप किया जा रहा है। पालिका द्वारा यह कार्य कई सालों से किया जाता आ रहा है, जबकि नियमानुसार कचरा निस्तारण के लिए संबंधित निकाय को आबादी क्षेत्र से दूर कचरा डंप करना चाहिए।
इसके विपरीत नगर पालिका न केवल आबादी क्षेत्र में कचरा डंप कर रही है, बल्कि निस्तारण का उचित इंतजाम न होने के कारण नगर पालिका के कर्मचारी रोजाना सैकड़ों टन कचरा कूड़ा खुले में डंप करकर नष्ट करने के लिए आग लगा देते हैं। इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है। नगर के तमसा नदी तट के किनारे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में नगर पालिका की ओर से 42 वार्डों से निकलने वाला 115 टन कचरा डंप किया जाता है, जबकि यह स्थान आबादी क्षेत्र से सटा हुआ है। यहीं नगर के मुंशीपुरा, चादमारी इमलिया, डोमनपुरा, भीटी आदि जगहों पर खाली पड़े प्लाटों में कचरा डंप किया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा पिछले कई सालों से ग्रीन बेल्ट क्षेत्र तमसा तट पर कचरा डंप करने से स्थानीय निवासियों को कचरा से उठने वाली भीषण दुर्गंध से परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक-राहगिर भी इसे दो चार हो रहे है। तमसा नदी बचाओ समिति से जुड़े छोटेलाल गांधी ने बताया कि कई बार नगर पालिका को इस संबंध में लिखित शिकायत कर चुके है, हर बार नगर पालिका द्वारा कचरा डंप न करने का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन दूसरे दिन भी पुन: सफाई कर्मचारी वहीं कचरा डंप करते हैं। इस बावत नगर पालिका ईओ संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि जमीन के अभाव में कचरा डंप किया जा रहा है। डपिंग ग्रांउड की जमीन के लिए प्रयास जारी है, जमीन मिलने पर इस समस्या का निस्तारण हो सकेगा।