नदवासराय। डाला छठ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवकों ने नदी, पोखरों, जलाशयों के साथ ही देवलास स्थित सूर्यकुंड के समीप वेदियां बनाकर अपनी जगह सुरक्षित कर लिया। देवलास स्थित सरोवर और मंदिरों की सजावट से अद्भुत छटा बिखर रही है। क्षेत्र के नदवासराय, आरीपुर, भिखारीपुर, भीरा, देवलास, कोइरियापार, कटयाघाट, हमीदपुर -सजय़ा-सजया चंवर, अल्लीपुर, बंदीघाट, सरया, भातकोल, सोफीगंज, वलीदपुर, चकभदवा, सरकण्डा, सहुआरी आदि गांवों के लोगों ने टौंस नदी के किनारे वेदियां बना लिया है।
कार्तिक मास में पूरे महीने ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी में स्नान को पुराणों में व्रत और तप की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। स्कंदपुराण के अनुसार कार्तिक मास में किया गया स्नान और व्रत भगवान विष्णु की पूजा के समान कहा गया है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह और पूर्णिमा को गंगा स्नान किया जाता है। कार्तिक माह में किये स्नान का फल एक सहस्र बार गंगा स्नान और सौ बार माघ स्नान के समान माना जाता है। कहा गया है कि जो फल कुंभ में प्रयाग में स्नान करने पर मिलता है वही फल कार्तिक माह में किसी पवित्र नदी में स्नान करने से मिलता है।