मऊ। मधुबन तहसील क्षेत्र के रसूलपुर आदमपुर उर्फ रामपुर गांव में स्थित एक मदरसा का मान्यता जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मंगलवार को निलंबित कर दिया। यह मदरसा निजी जमीन पर न होकर नवीन परती की सार्वजनिक भूमि पर बनाया गया है। शिकायती प्रार्थनापत्र पर एसडीएम ने मदरसा भवन परिसर की पैमाईस कराकर रिपोर्ट दी थी। एक ही कैंपस में तीन शिक्षण संस्थान चलते पाए गए। एक इंटर कालेज और एक अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय भी इसी परिसर में चलते हैं। इनके बीच कोई चहारदीवारी नहीं है। मदरसे के कमरे भी मानक के प्रतिकूल काफी आकार के पाए गए हैं।
रसूलपुर गांव के सुहैल अहमद पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने 27 जून 2017 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शिकायती प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव में मौलाना आजाद इस्लामिया स्कूल सलेमपुर रामपुर की मान्यता भूमि और भवन के फर्जी कागजात दिखाकर ली गई है। शिकायत के मद्देनजर प्रकरण की जांच उपजिलाधिकारी मधुबन से कराई गई। 26 जुलाई 2017 को दी गई रिपोर्ट में एसडीएम ने लिखा है कि लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के साथ मदरसा भवन और परिसर की पैमाईश कराई गई। पैमाईश में मदरसा का भवन नवीन परती के रूप में दर्ज गाटा संख्या 920 , नहर की भूमि गाटा संख्या 770 और 156 और पटेटेदारों की भूमि पर बने पाए गए। इसी भवन में तीन अन्य विद्यालय चलते पाए गए। इसी भवन को दर्शाकर मौलाना आजाद अंबेडकर अनुसूचित प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर चौधरी पुर रामपुर , मौलाना अबुल कलाम इंटर कालेज सलेमपुर रामपुर और आजाद मुस्लिम वेलफेयर जूनियर हाई स्कूल की मान्यता भी ली गई है। मदरसा सहित चारों विद्यालय महज 1875 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने भवन में चलते हैं। एसडीएम ने लिखा है कि मदरसा प्रबंधक सरफराज अहमद ने गाटा संख्या 1412 और 1404 में 00.326 हेक्टेएयर भूमि मौलाना अबुल कलाम आजाद हाईस्कूल के नाम से वयनामा भी लिया है, लेकिन उस पर भवन निर्माण न कराकर उसे खाली छोड़ा है। और सार्वजनिक भूमि नवीन परती और नहर के गाटों और पट्टेदारों से खरीदी हुई भूमि पर भवन निर्माण कराया है। एक ही कैंपस में चलने वाले चारों शिक्षण संस्थानों को चहारदीवारी से पृथक नहीं किया गया है। इन संस्थानों में फर्नीचर वगैरह नहीं पाया गया। कमरों का आकार मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। गलत तथ्यों के आधार पर विद्यालयों की मान्यता ली गई है।
मदरसा मान्यता एवं सेवा नियमावली 22 अगस्त 1987 के अनुसार तहतानिया और फौकानिया स्तर की मान्यता के लिए 20 फुट लंबाई और 15 फुट चौड़ाई के आकार के पांच शिक्षण कक्ष और 150 वर्ग फुट के दो कमरे कार्यालय तथा प्रधानाचार्य कक्ष के लिए होने चाहिए। लेकिन मदरसा मौलाना आजाद इस्लामिया में कमरे भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। छात्र संख्या भी काफी कम हैं। एसडीएम की रिपोर्ट के आधान पर इस मदरसा का मान्यता निलंबित कर दी गई है।
-लानमन , जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मऊ।