मऊ। एक लाख रुपये तक के फसली ऋण माफी का लाभ पाने के लिए किसानों को आने आधार कार्ड का नंबर बैंकों में जमा करना होगा। बैंक प्रबंधकों को किसानों की कर्ज माफी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देश के अनुपालन के क्रम में जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने योजना की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक तीन दिन पर का निर्देश अधिकारियों को दिया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि लघु एवं सीमांत किसानों के एक लाख तक के ऋण माफ किये जाने के लिए आधार नंबर देना जरूरी है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे अपना आधार नंबर अपने बैंक शाखाओं में अतिशीघ्र जमा कर दें। इसके बाद ही कर्जमाफी की कार्यवाही आगे बढ़ पाएगी।
डीएम ने कहा है कि आधार नंबर जमा नहीं हो ने पर आगे की कार्यवाही संभव नहीं है। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को इस संबंध में यथाशीघ्र हेल्प लाईन नंबर जारी करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक तीन दिन पर फसली ऋण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाय। इस संबंध में आने वाली जनपद स्तरीय समस्याओं का निस्तारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। जिलाधिकारी के स्तर से ऊपर की समस्याओं का निस्तारण मंडलायुक्त की कमेटी करेगी। डीएम ने बैंक प्रबंधकों को अपने कार्यक्षेत्र में इस योजना का प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत दी कि फसली ऋणमाफी योजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।