रतनपुरा। सर्व शिक्षा अभियान पर भारी भरकम धनराशि खर्च करने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिलती नजर नहीं आ रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने मंगलवार को रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के दो प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों की नामांकन के सापेेक्ष उपस्थिति काफी कमी रही। तीसरी कक्षा के बच्चे अपना नाम नहीं लिख पाए। बीएसए ने समस्त स्टाफ का एक महीने का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया।
शासन की तरफ से जिले के परिषदीय प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की गई हैं। लेकिन योजनाओं का क्रियान्यन सही ढंग से न होने से बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बीएसए के निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता की पोल खुल गई। बीएसए ओपी त्रिपाठी ने रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालय में 200 बच्चों का नामांकन था, लेकिन मौके पर मात्र 29 बच्चे उपस्थित मिले। बीएसए ने तीसरी कक्षा के बच्चों से नाम लिखने के लिए कहा। कोई बच्चा अपना नाम तक नहीं लिख पाया। पांचवीं कक्षा के बच्चों से अंश और हर के बारे में पूछा। बच्चे अंश और हर के बारे में जानते तक नहीं थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही प्रधानाध्यापिका सहित चार शिक्षकों का एक माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय साहूपुर का निरीक्षण किया। बच्चों की उपस्थिति 40 प्रतिशत से कम रही। यहां भी शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। बीएसए ने चार शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का फरमान जारी किया। बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना था कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।