अमिला (मऊ)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़रांव पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रविवार की शाम से सोमवार की सुबह साढ़े दस बजे तक नदारद रहे। इसके अलावा तीन अन्य चिकित्सक भी समय पर नहीं पहुंचे थे। अस्पताल की अव्यवस्था से रूबरू जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सीएचसी की बदहाली पर डीएम और सीएमओ को फोन कर अवगत कराया। सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. सतीश चंद ने तत्काल प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक व अन्य डॉक्टरों को अस्पताल भेजा। इसके अलावा सीएमओ ने इमरजेंसी से नदारद चिकित्सक को नोटिस जारी करने एवं विलंब से अस्पताल पहुंचने पर तीन डॉक्टरों का एक-एक दिन का वेतन रोकने का प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया।
बड़रावं सीएचसी पर साढ़े आठ बजे से ही कई मरीज आ गए। उस समय कोई डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद मरीजों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि आलोक कुुमार जायसवाल से शिकायत की। सूचना पाकर वह अपने समर्थकों और मरीजों के तीमारदारों के संग सीएचसी पहुंचे। वहां उन्हें बताया कि इमरजेंसी डयूटी पर कोई डॉक्टर नहीं है। इसके अलावा इंमरजेंसी चिकित्सक डॉ. राकेश रोशन पूरी रात से नहीं मौजूद हैं। वहीं साढ़े 10 बजे तक अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला बंद रहा। जबकि तैनात तीन अन्य चिकित्सक डॉ. प्रदीप मौर्य, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पीएन सिंह भी समय से नहीं पहुंचे थे। इस पर अध्यक्ष प्रतिनिधि ने कुछ देर तक इंतजार करने के बाद पूरे मामले की जानकारी डीएम और सीएमओ को फोन से दी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने इन डाक्टरों को पिछले दरवाजे से अंदर जाकर मरीजों को देखने को कहा। सीएमओ की फटकार के बाद साढ़े दस बजे प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. अशोक कुमार सीएचसी पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने डाक्टरों की इस घोर लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए कहा कि जब तक लापरवाह डाक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे नहीं हटेंगे। सीएमओ के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने इमरजेंसी ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉ. राकेश रोशन को नोटिस देकर जवाब तलब किया। इसके अलावा तीन अन्य चिकित्सकोें के समय से न पहुंचने पर उनका एक-एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति दी। इसकी प्रति मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष वहां से हटे।