क्षेत्र के छह गांवों में लगे राजकीय नलकूप दो माह से खराब हैं। ऐसे में खेती किसानी पर संकट गहराने लगा है। सिंचाई के अभाव में फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
गेहूं की फसल में सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन जरूरत के समय राजकीय नलकूपों के खराब होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। मानिकपुर, परमानंद पट्टी, चकरा, रतनपुरा, ठैंचा, चकिया, छत्रपुर फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही। किसान प्रभुनाथ चौहान, हीरा चौहान, भोला, हरदेव, श्याम बिहारी प्रसाद का कहना है कि अधिकारियों का उदासीन रवैया किसानों पर भारी पड़ रहा। पंपिंगसेट से 150 रुपया प्रतिघंटे की दर से सिंचाई करना किसानों के वश की बात नहीं। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नलकू पों की मरम्मत नहीं की गई तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इस बाबत नलकूप विभाग के अवर अभियंता नागेंद्र तिवारी का कहना है कि नलकूपों की मोटर वर्कशाप भेजी गई है। शीघ्र ही सिंचाई सुविधा बहाल कर दी जाएगी।