मऊ। अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक हुई।
इसमें जुलाई माह में विभिन्न न्यायालयों में निस्तारित मुकदमों और अभियोजन कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जुलाई में कुल 502 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 364 मामलों में दोषियों को सजा सुनाई गई।
संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि अधीनस्थ न्यायालयों में आईपीसी के 133 वादों का निस्तारण हुआ। अन्य अधिनियमों के तहत 309 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 307 मामलों में दोषियों को सजा हुई। वहीं, सत्र न्यायालय में आईपीसी के 39 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 11 मामलों में सजा सुनाई गई। एससी/एसटी एक्ट के चार वादों में दो मामलों में सजा हुई। गैंगस्टर एक्ट के पांच मुकदमों में से एक मामले में दोषी को सजा मिली। पॉक्सो एक्ट के चार मुकदमों में एक में सजा सुनाई गई।