कुसुम्हा (मऊ)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से बनाए जा रहे फोरलेन निर्माण के दौरान पनइल कोरौली नाले को पाट दिए जाने से 500 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से फसल नष्ट होने के कगार पर है।
दोहरीघाट विकास खंड क्षेत्र के शाहपुर के छिछोर ताल से लगभग साढ़े चार किमी लंबा पनइल बिहटा कोरौली नाला गोठा, पाउस, कोरौली गांव होते हुए घाघरा नदी में गिरता है। इसी बीच फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत से शाहपुर तथा गोठा के बीच गुजर रहे नाले को पाट दिया गया है। जिसके चलते पूरे बरसात का पानी छिछोर ताल में जमा हो गया है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से 500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। शिकायत के बाद भी समाधान न होने से फसल नष्ट होने के कगार पर है।
इस संबंध में क्षेत्र के जिसको लेकर क्षेत्र के किसान परेशान और हताश हैं। इस बरसात के पानी से शाहपुर, गोठा ,फरसरा बुजुर्ग ,पन ईल व बेहटा चार गांव के लोगों के धान कि फसल का मुख्य का गढ़ माना जाता है। छिछोर का ताल ।जिसका पूरा पानी ब्लॉक होने के चलते सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गया है। प्रभावित गांवों के किसान लामबंद हो रहे हैं। धरना प्रदर्शन करने रणनीति तय करने में जुट गए हैं।
इस संबंध में क्षेत्र के किसान बच्चू लाल यादव, राजकिशोर यादव, देवनाथ सिंह, लक्ष्मी शंकर राय, जिगर प्रजापति, केदार मौर्य का कहना है कि एनएचआई के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते नाले को पाट दिए जाने से 500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। समस्या का समाधान न होने से फसल नष्ट होने के कगार पर है। मामले का अविलंब निस्तारण नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।