नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित यूनियन बैंक पर बैंकों की हड़ताल के दौरान शुक्रवार को प्रदर्शन करते विभिन्न बैंकों के कर्मचारी।
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विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंकों के ताले नहीं खुल सके। काम न होने से करीब 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। इस दौरान नरई बांध स्थित यूनियन बैंक के सामने बैंककर्मियों ने एकत्रित होकर सरकार विरोधी नारेबाजी की और जुलूस निकाल कर विरोध जताया। वहीं, उपभोक्ता परेशान रहे जबकि कई एटीएम में धनराशि न रहने से उपभोक्ता इधर-उधर भटकते रहे।
मऊ जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की करीब 140 शाखाएं हैं, इसमें पांच सौ कर्मचारी कार्यरत है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैंक के अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार को सुबह साढे दस बजे के करीब नरई बांध स्थित यूनियन बैंक पर एकत्र हुए। इसके बाद जमकर नारेबाजी किए। इसके बाद जुलूस निकालकर पूरे शहर का भ्रमण किए। इस दौरान खुले प्राइवेट बैंक एचडीएफसी को भी बंद कराने का प्रयास किए। एचडीएफसी बैंक के मैनेजर विंदेश्वर पांडे ने बताया कि का संगठन के लोगों के दबाव बनाने पर कुछ देर के लिए बैंक के शटर को गिराया गया था। हड़ताल से जहां उपभोक्ता हलाकान दिखें, वहीं करीब तीस सौ करोड़ का लेनदेन भी प्रभावित रहा। इस दौरान एटीएम के खाली रहने से उभोक्ताओं के समक्ष और भी समस्या खड़ी हो गई थी।
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ के संगठन प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि हड़ताल का मकसद सरकार द्वारा मनमाने ढंग से बैंकों का एक दूसरे में विलय करने की कवायद को रोकना है। इसके अलावा उनकी मांग है कि बैंक अधिकारियों का वेतन एक साथ पुनर्क्षित करना और वेतन वृद्घि आदि मांगें शामिल है। इंद्रजीत कुमार ने बताया कि सरकार बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण के मामले में लंबे समय से उदासीन है, हड़ताल से सरकार को संदेश देना है कि वो बैंक कर्मचारियों के प्रति उदासीनता को समाप्त करें। मांगों को लेकर काफी समय पहले से संगठन ने अल्टीमेटम दे रखा था। कोई सुनवाई न होने पर शुक्रवार को हड़ताल की गई।