शासन के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग ने जिले के राशन कार्डधारकों की 18 बिंदुओं पर पात्रता की जांच की। दो माह तक चली प्राथमिक जांच के दौरान 48,885 कार्डधारक अपात्र मिले। इनमें से 15,504 राशनकार्ड काट दिए गए हैं।
आश्चर्य की बात ये है कि चिह्नित कार्डधारकों में 11,287 कार्डधारकों की उम्र 100 साल से अधिक है। कटने का कारण जानने के लिए कार्डधारक कोटेदार और जिला मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
इन परिवारों के लिए राहत की बात यह भी है कि वो अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। विभाग उस पर विचार करेगा, यदि वो पात्रता की श्रेणी में पाए जाते हैं तो उनकी यूनिट बहाल कर दी जाएगी। जिले में 3.24 लाख राशनकार्ड धारक हैं।
इनमें 56,574 अंत्योदय और 2,67,426 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। इन कार्डों पर 16,12,211 लाभार्थी हैं। लेकिन अब कार्ड कटने के बाद कुल 3,08,496 कार्ड शेष रह गए हैं। इनमें से 33,381 पर तलवार लटकी है।
शासन ने 18 बिंदुओं पर कार्डधारकों की पात्रता की जांच के आदेश दिए थे। इनमें सालाना आय दो लाख रुपये, तीन लाख रुपये, जीएसटी में सालाना 25 लाख रुपये का लेनदेन, डुप्लीकेट कार्डधारक, 100 साल से ऊपर तक के धारक, 18 साल तक के सिंगल लाभार्थी जैसे 18 बिंदुओं पर जांच की गई थी।
बहरहाल, इसमें से अधिकतर परिवार ऐसे हैं, जिनकी दो लाख रुपये और तीन लाख रुपये से अधिक सालाना आय, उनके यहां चार पहिया वाहन, 100 साल से अधिक उम्र का मुखिया और पांच एकड़ भूमि मिली है।
दो लाख रुपये सालाना आय वाले 2558 और 2177 डुप्लीकेट कार्ड काटे गए
प्राथमिक जांच के बाद विभाग को दो लाख सालाना आय वाले 2558, तीन लाख आय वाले 1613, 25 लाख रुपये सालाना जीएसटी भरने वाले 19, 2177 डुप्लीकेट कार्ड, 100 साल से अधिक उम्र वाले मुखिया का 1337, आधार कार्ड मिलान नहीं होने पर 4879 राशनकार्ड काट दिए गए हैं।
परदहां ब्लॉक के खरगजेपुर गांव निवासी रूपचंद राम ने बताया कि उनके कार्ड पर 8 यूनिट है। इस माह कोटेदार के यहां राशन लेने पहुंचे तो, बताया गया कि उनका कार्ड काट दिया गया है।
परदहां ब्लॉक के पिपरीडीह निवासी शेषनाथ ने बताया कि उनके कार्ड पर 6 यूनिट हैं। इस माह राशन लेने के लिए अंगूठा लगाने पहुंचे तो, मशीन में कार्ड नहीं दिखा रहा था। बाद में पता चला कि कार्ड काट दिया गया है, जबकि उनके पास चार पहिया वाहन, और जमीन जैसा कुछ नहीं है।
खरगजेपुर निवासी मनमोहन गुप्ता ने बताया कि उनके राशन कार्ड पर चार यूनिट हैं। अपात्र की 18 बिंदुओं में से वो किसी कैटेगरी में नहीं आते हैं, बावजूद कार्ड काट दिया गया है।
पिपरीडीह गांव निवासी मारकंडेय राम ने बताया कि उनके कार्ड पर चार यूनिट हैं। उनका कार्ड काट दिया गया है, जिला मुख्यालय पहुंचकर पूछताछ की गई, लेकिन सही कारण पता नहीं चल पा रहा है।
जिन परिवारों के राशन कार्ड अपात्रता के कारण निरस्त किए गए हैं। वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। उन पर विचार किया जाएगा। वहीं, जितनी यूनिट राशन की कटौती इन अपात्र परिवारों से हुई है, उतने नए पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा।
-राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी, मऊ