मऊ। नए वित्तीय सत्र की शुरूआत मंगलवार से होगी। ऐसे में सभी सरकारी विभागों में मिले पिछले बजट को खपाने की जद्दोजहद चलती रही।
रविवार और ईद के अवकाश के बाद भी कोषागार, बैंकों और सभी विभागों में कामकाज हो रहा था। वित्तीय वर्ष अंतिम दो दिन में ही 43 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
कई सरकारी विभाग बजट नहीं खपा पाए थे। अधिकारी बजट को खपाने की जुगत में लगे रहे। सरकारी विभागों में बजट को कागजी कोरम में फिट करने क लिए भी पिछले एक माह से तैयारियां चल रही हैं।
जिले के 42 विभागों का प्रतिमाह तीन अरब का बजट होता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 का सोमवार को अंतिम दिन रहा।
सरकारी विभाग अपने विभागीय बजट का लेखा-जोखा वित्तीय वर्ष की शुरूआत से नहीं रखते हैं, जिस कारण क्लोजिंग के दौरान हाय-तौबा मचती है। हर साल सरकारी विभागों के लिए 30 और 31 मार्च भाग दौड़ भरे होते हैं। तमाम अधूरी परियोजनाओं के लिए लगातार बजट जारी किया जा रहा है और बजट को 31 मार्च तक खपाने के निर्देश भी दिए गए थे। ऐसे में अब विभागीय अफसरों के आगे पुराने के साथ नए बजट का लेखा-जोखा तैयार करने की चुनौती रही।
हालांकि माना जा रहा है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी 31 मार्च की शाम तक ज्यादातर बजट उपभोग कर लिया जाएगा। जिले में कई अधूरी परियोजनाओं के लिए लगातार बजट जारी किया जा रहा है। अवकाश के बाद भी कोषागार समेत जिले की सभी बैंकों और विभागाें में कर्मचारी काम करते दिखे। लगातार 15 दिनों से देर शाम तक बैंकों व कोषागार में पिछला लेखा-जोखा दुरूस्त करने के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं।
सोमवार की शाम तक 18 करोड़ 93 लाख 91 हजार रुपये का संबंधित विभागों का भुगतान किया जा चुका है। जबकि गत रविवार को लगभग 25 करोड़ दो लाख रुपया का भुगतान किया गया था।