जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शार्ट सर्किट से आग लगने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। कई थाना क्षेत्रों में आगलगी की घटनाओं में 20 किसानों की 42 बीघे गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
बढ़ुआगोदाम ः परदहां ब्लाक के सनेगपुर गांव निवासी विजय पुत्र पत्ती मौर्य और बलिराम पुत्र रइमल की शार्ट सर्किट से लगी आग से दो बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। हलधरपुर संवाददाता के अनुसार थाना क्षेत्र के चकरा गांव में शुक्रवार को आग लगने से 14 किसानों की 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। ग्रामीणों की मदद से फायर बिग्रेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस आगलगी में राजकिशोर की 32 विस्वा महेंद्र 40 विस्वा कमला 16 विस्वा, मनोज 12 विस्वा, सुधाकर की 40 विस्वा, कैलाश की 12 विस्वा, रमाकांत की 20 विस्वा, जयनाथ की 20 विस्वा, सुशील की 70 विस्वा,रविन्द्र 12 विस्वा, शारदा देवी की10 विस्वा ,कमला की 60 विस्वा ,वलदेव की 34 विस्वा गेहूं की पकी फसल जलकर नष्ट हो गई।
मधुबन ः थाना क्षेत्र के नन्दौर में शुक्रवार को शाम तीन बजे अज्ञात कारणों से लगी आग के कारण एक किसान की 4 बीघा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद आग को बुझाया गया। दमकल की गाड़ी नहीं पहुंचने पर ग्रामीणो में आक्रोश व्याप्त रहा। कमला मल्ल का नंदौर के ज्ञान कुंज विद्यालय के समीप गेहूं की फसल थी जिसमें शुक्रवार को शाम तीन बजे अचानक आग लग गई। आग से लगभग 4 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। वही फोन करने के बाद भी दमकल की गाड़ी नही पहुचने के चलते ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त रहा।
अमिला ः घोसी कोतवाली क्षेत्र के बहरामपुर गांव में साढ़े सात बजे विद्युत शार्ट सर्किट से आग लगने के कारण 40 बिस्वा खड़ी गेहूं की फसल और 2 विस्वा गन्ना की फसल जलकर राख हो गई। बहरामपुर गांव निवासी योगेंद्र सिंह पुत्र दुक्खी की 8 विस्वा गेहू व 2 विस्वा गन्ना, हरेंद्र पुत्र शिवनाथ की 3 विस्वा गेहू तथा अश्वनी कुमार पुत्र सुभाष की चार विस्वा गेहू की खड़ी फसल तार स्पार्क होते ही जल गई। किसी तरह बाद आग पर काबू पाया। साथ ही सैकड़ो बिगहा गेहू की फसल बर्बाद होने से बचा लिया।
कोपागंज ः लैरोबेरुवार गांव में शुक्रवार को अज्ञात कारणों से लगी आग से 12 मंडा गेंहू की खेत मे लगी फसल जल कर राख हो गई। ग्रामीणों ने अथक परिश्रम कर किसी तरह आग पर काबू पाया। किसान नरसिंह पुत्र हरिश्चंद्र की गेहूं की फसल खेत में काटकर मड़ाई के लिए पड़ी थी। उच्चाधिकारियों ने हल्का लेखपाल को भेज सर्वे रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया ।