जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने संभावित सूखा, लू-प्रकोप एवं बाढ़ से बचाव के उपाय के तैयारियों के संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि समय रहते इनकी तैयारियां शुरू हो जानी चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम को ताकीद की कि वह नदी में पॉलिथीन डालने पर अंकुश लगाएं।
जिलाधिकारी ने समय से पहले बाढ़ प्रभावित समस्त ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर बाढ़ से संबंधित सभी तैयारियां पूरी करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया। जल निगम को निर्देश दिया कि गर्मी को देखते हुए पानी आपूर्ति पर ध्यान दिया जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि गर्मी में बीमारियों को देखते हुए अस्पतालों में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएं। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को ढीलें तारों को ठीक कराने और निर्बाध आपूर्ति सुचारू रखने को कहा। समस्त उप जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जनपद में पालीथिन पर अंकुश लगाएं। नदी में किसी भी दशा में पालीथिन न डालने दें। मनरेगा के अंतर्गत जाबकार्ड धारकों से सभी ग्राम पंचायतों में तालाब एवं पानी रूकाव के प्रबंध कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि अपने तहसील स्तर से समस्त ग्राम पंचायतों के चारागाह की भूमि पर अतिक्रमण किया गया हो तो उसे तत्काल मनरेगा के जाबकार्ड धारकों द्वारा खाली करा लें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी डीपी पाल, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव, अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी सतीश सिंह, जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी एसपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक कालीचरन भारती, समस्त उप जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत सुबोध कुमार सहित जिला स्तरीय फ्लड स्टीयरिंग ग्रुप उपस्थित रहे।