मिजल्स-रुबेला (एमआर) टीकाकरण के प्रति अभिभावकों और शिक्षकों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। नियमित टीकाकरण टीमों के अलावा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त टीमों ने स्कूलों का दौरा शुरू कर दिया है। मंगलवार को यूनीसेफ की डीएमसी सरोज राना के नेतृत्व में टीम कई स्कूलों में पहुंची। आशंकित अभिभावकों और शिक्षकों को टीके के फायदों की जानकारी दी गई।
एमआर टीके को लेकर अभिभावक ही नहीं बल्कि शिक्षकों में आशंकाएं और भ्रांतियां हैं। इसका असर टीकाकरण पर पड़ रहा है। जागरूकता की कमी के चलते मुस्लिम इलाकों में टीमों को लौटाया जा रहा है। अभिभावक सीधे तौर पर बच्चों को टीका लगाने से इंकार कर रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ने अभिभावकों को जागरूक करने के लिए टीमें बनाई हैं। मंगलवार को यूनीसेफ की डीएमएसी सरोज राना, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनिता सिंह और वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर कामाख्या मौर्या के नेतृत्व में टीम नगर के खीरीबाग स्थित तालिमुद्दीन मदरसा पहुंची। जहां डीएमसी सरोज राना ने मौजूद मदरसा शिक्षकों को टीकाकरण के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीका खसरा और मीजल्स से बचाता है। बताते चले कि मदरसा द्वारा टीकाकरण कराने से इंकार करने के बाद टीम पहुंची थी।
मदसरा के प्रधानाचार्य अब्दुल मदानी ने बताया कि अभिभावकों के बीच टीकाकरण को लेकर कुछ भ्रातियां थी, इसके चलते दिक्कते आ रही थी। हांलाकि अब ऐसा नहीं है। वहीं टीम मुहम्मदाबाद गोहना के दो स्कूलों में पहुंची और स्कूल प्रबंधन को टीकाकरण के बारे में जानकारी दी।
इनसेट
32497 बच्चों को लगाया गया टीका
मऊ। एमआर टीकाकरण अभियान के तहत मंगलवार को 32497 बच्चों को टीका लगाया गया। इस क्रम में मऊ नगर में 1576 तो रतनपुरा ब्लाक में 2432, परदहा ब्लाक में 3767, घोसी में 2067, बड़राव में 2719, रानीपुर में 2504, दोहरीघाट में 5309, फतेहपुर मंडाव में 5696, मुहम्मदाबाद गोहना में 2499, कोपागंज में 3928 बच्चों को टीका लगाया गया।