सर्व शिक्षा अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिलती नजर नहीं आ रही है। जिला समन्वयक (निर्माण) अजीत तिवारी के निरीक्षण में कुछ ऐसा ही दिखा। उन्होंने मंगलवार को कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां और शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिलीं। पूछे जाने पर कक्षा पांचवीं के छात्र मंडे की स्पेलिंग और छठीं, सातवीं और आठवीं के छात्र आयत और वृत्त में अंतर नहीं बता सके। जिला समन्वयक ने शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए बीएसए को संस्तुति की।
जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय सहरोज का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक शिक्षक अनुपस्थित रहा। विद्यालय में 199 के सापेक्ष 75 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा छह, सात, आठ के बच्चे आयत, वृत्त में अंतर नहीं बता पाए। शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय रही। शिक्षक शिक्षण कार्य करते नहीं पाए गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय भांवरकोल का निरीक्षण किया। यहां 77 के सापेक्ष 48 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों में स्वच्छता के संबंध में जानकारी का अभाव मिला। प्राथमिक विद्यालय भांवरकोल में 118 के सापेक्ष 50 बच्चे पिस्थित मिले। पांचवीं कक्षा के बच्चे मंडे की स्पेलिंग नहीं बता पाए। यहां भी शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय भदसा में फर्श क्षतिग्रस्त हाल में मिला। जिला समन्वयक अजीत तिवारी ने बताया कि लापरवाह शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्ट देने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।