मऊ। गोमुख से गंगासागर तक 14 जनवरी 2019 तक चलने वाली गंगा सद्भावना यात्रा शनिवार को जिला मुख्यालय पर पहुंची। इस अवसर पर इंकलाबी कामगार यूनियन, मऊ सेवा केंद्र और इंकलाबी नौजवान सभा की ओर से गाजीपुर तिराहा से आजमगढ़ मोड़ तक संकल्प मार्च निकाला गया। इस दौरान गंगा के नाम पर हो रही कमाई, प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों की लूट से बचाना होगा, स्वामी सानंद अमर रहे, जिस गंगा का नहीं विकल्प, ले उसकी रक्षा का संकल्प, रीवर को सीवर से मुक्त करो, नदियों में खनन बंद करो, गंगा मां को धोखा देना बंद करो और व्यर्थ नहीं होगा स्वामी सानंद का बलिदान आदि नारे लगाते गले में तख्तियां लटकाए चल रहे थे।
रोडवेज पर स्वामी सानंद की स्मृति सभा को संबोधित करते हुए यात्री दल के नेता, लोकतंत्र सेनानी राम धीरज भाई ने कहा कि अंग्रेजी सरकार से भी ज्यादा संवेदनहीन मौजूदा सरकार ने स्वामी सानंद की गंगा बेसिन के 50 करोड़ लोगों की जीवन रेखा मां गंगा को बचाने के प्रयासों को अनसुना कर दिया। इससे स्वामी सानंद को बलिदान देना पड़ा। यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, उनकी मात्र 4 सूत्री मांग थी। संकल्प मार्च के संयोजक अरविंद मूर्ति ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं है अपितु सभ्यता संस्कृति है, यह नहीं रहेगी तो हिंदुस्तान नहीं रहेगा। कहा कि गंगा सफाई के नाम पर 20 हजार करोड़ रुपये भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ चुका है। इकबाल अहमद ने कहा कि गंगा सिर्फ हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए अकीदा (आस्था) के एतबार से पवित्र है। हमारे लिए इसका पानी ‘आबे जमजम’ की तरह पवित्र है। हर हाल में इसकी पाकीजगी की हिफाजत होनी चाहिए। प्राध्यापक विनय राजभर ने कहा कि गंगा के पानी में जो बायोफाज्म जैसा विशिष्ट अवयव पाया जाता है। प्रदूषण ने उसे नष्ट कर दिया है। अब गंगा मोक्ष दायिनी नहीं बल्कि रोगदायनी बन चुकी है। कॉमरेड बसंत कुमार ने कहा कि आज पूरे देश में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मची हुई है। सरकार इस कारपोरेट लूट को कानूनी जामा पहना रही है। सभा को के.डी. सिंह ने संबोधित किया। संकल्प मार्च में गौतम कुमार, हरिश्चन्द्र भारती, रविन्द्र कुमार, गुडडू राम, आसिफ, दिनेश, विनय, शकील बेलाली, सुभाष राजभर, सामंत कुमार, हरिन्द्र, सुरेन्द्र, उदयभान राजभर, महेश, रामाश्रय भारती, गुडडू राम, सोमनाथ कश्यप आदि ने भाग लिया।