जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों व अधिकारियों के अभद्र व्यवहार के विरोध सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर आल इंडिया आशा बहू कार्यकत्री कल्याण सेवा समिति की जिलाध्यक्ष सन्ध्या राय की अध्यक्षता में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी कर मांगों को लेकर विरोध जताया गया। शासन द्वारा इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे आशाओं में आक्रोश है। धरने में पदाधिकारियों से सहित बड़ी संख्या में आशाएं मौजूद रहीं।
जिलाध्यक्ष सध्या राय ने कहा कि शासकीय कर्मचारी घोषित ने किए जाने के चलते पीएचसी और सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा हम लोगों के साथ भेदभाव नीति अपनाते हुए अभ्रद व्यवहार करते है। जिससे आशा कार्यकर्ताओं का मान सम्मान खिलवाड़ होता है। इस लिए उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित करे। इसके इलावा जिलाध्यक्ष संध्या राय द्वारा दोहरीघाट में पदस्थ कर्मचारी राहुल नायक द्वारा अभ्रदता करने पर कार्रवाई करे। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को 18 हजार का वेतनमान करने और सभी पीएचसी और सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए अलग से कक्ष के साथ कार्यकर्ताओं से की जा रही अवैध वसूली रोकने की मांग की। हड़ताल में ज्ञानमती देवी, मंतादेवी, निरूपमा सिंह, प्रेमशीला सिंह, प्रमिला, रेखा, उर्मिला राय, मीरा श्रीवास्तव और गीता देवी आदि कार्यकर्ता मौजूद रही।
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निर्जला व्रत रहकर भी हुईं शामिल
मऊ। हड़ताल में सम्मिलित आशा कार्यकर्ता कपासी देवी, माधुरी, सोनम आदि ने बताया कि शुक्रवार को एकादशी का व्रत होने के चलते वो निर्जल व्रत है। लेकिन कार्यकर्ताओं की अनदेखी और हो रहे अत्याचार को दूर करने की मांग के लिए चलाए जा रहे हड़ताल में सम्म्लित हुई। और शासन के साथ अव्यवस्था के दोषी पर जमकर भड़ास निकाली।