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Mau News: 24 माह में लगे 63 लाख पौधे में 40 फीसदी सूखे, फिर से तीस लाख पौधे लगाने की तैयारी

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मऊ। 1713 वर्ग किलोमीटर वाले मऊ जिले में बीते 24 माह में 63 लाख से अधिक पौधे वन विभाग द्वारा लक्ष्य तय कर लगाया गया था। लेकिन इसमें 40 फीसदी पौधे सूख गए। अब उधर वन विभाग दोबारा 30 लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना में जुटा है। सकारात्मक बात है कि पूर्व में गंगा समिति की बैठक में किए गए प्रयास के चलते नगर निकायों के जिम्मेदारों द्वारा नगर पालिका मऊ और दस निकायों में लगे पौधों को जीवित रखने के लिए नियमित पानी देने के साथ उसकी देखभाल की जा रही है। ठीक इसके विपरीत खाली प्लाट या ग्राम पंचायत के चारागाह और अन्य खुले जगहों पर लगाए पौधों को या तो पशु चर जाते हैं या देखभाल के अभाव में दम तोड़ जा रहे हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2023 में सभी विभागों द्वारा 31.53 लाख पौधे लगाए गए थे। वहीं 2024 में 31.52 लाख पौधे पूरे जनपद में लगाए गए थे। जबकि इस वर्ष में इस साल वन विभाग ने तीस लाख 50 हजार 807 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत 13,98,200, पर्यावरण विभाग को 1,41,000, ग्राम्य विकास विभाग को 11,06,000, नगर विकास विभाग को 16000, कृषि विभाग को 1,81,000 और उद्यान विभाग को 1,13,000 पौधे सहित अन्य विभागों को पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया गया है।
उधर बीते 24 माह में 2023 से 2024 तक जनपद में 63.05 लाख पौधे लगाए गए थे। लेकिन वन विभाग की टीम इसमें 40 फीसदी से अधिक पौधों को सुरक्षित नहीं कर पाई। विभागीय सूत्रों की माने तो जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा द्वारा गंगा समिति की बैठक में इस विषय को लेकर माॅनीटरिंग करने के बाद नगर पालिका मऊ और दसों निकायों द्वारा इसको लेकर विशेष उपाय किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम है कि नगर के गाजीपुर तिराहा से निकले डिवाईडर के बीचोबीच लगे पौधे जो अब आकार ले चुके है। इसी तरह से कोपागंज में डांडी चट्टी से सहरोज पुल तक लगाए गए पौधे भी अब पेड़ बनते दिख रहे हैं।
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ट्री गार्ड मिले तो जीवित पौधों की बढ़ेगी संख्या
मऊ। हर साल विशेष कार्यक्रम के तहत वृहद पौधरोपण किया जाता है। लेकिन इनकी देखरेख की जिम्मेदारी किसी को नहीं दी जाती है। जिसके चलते आधे से अधिक पौधे पेड़ बनने से पहले दम तोड़ जाते हैं। कुछ सूख जाते हैं तो कुछ को छुट्टा पशु नष्ट कर देते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड और बैरिकेडिंग भी नहीं की जाती है। जिससे पौधे बचते ही नहीं हैं।
पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड और बैरिकेडिंग लगाए जाते हैं। सभी पौधों में लगाना संभव नहीं हो पाता है। देखभाल के लिए वन विभाग के तहसील स्तरीय कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस साल भी 30,50,860 लगाने का लक्ष्य मिला है। - पीके पांडेय, प्रभारी जिला वन अधिकारी, मऊ
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