मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण से हर सेक्टर प्रभावित हुआ है। लेकिन इसके ठीक विपरित परिवहन निगम के राजस्व को इससे नुकसान नहीं उठाना पड़ा। बावजूद परिवहन निगम द्वारा यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के प्रयास करता नहीं दिख रहा है। हालात यह है कि कई ऐसे रूट है जिन पर बसों का संचालन की सुविधा न के बराबर है। वर्तमान में गाजीपुर रूट पर मऊ डिपो की एक बस का संचालन न होने से इस रूट के यात्रियों को या तो दूसरे डिपो की बसों का इंतजार करना होता या दूसरे वाहनों से जाना पड़ता है। वहीं गोरखपुर रूट पर भी चार-पांच बसों का ही संचालन हो रहा है जबकि इस रूट पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा रहती हैं।
संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार वृृद्धि होती दिख रही है। वर्तमान में गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ रूट पर यात्रियों की संख्या में दो पहले के सापेक्ष यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। लेकिन मऊ डिपो की बसों का बढ़ाया नहीं जा रहा है। वर्तमान में 51 बसों में से 38 बसों का संचालन ही किया जा रहा है। इसमें भी कई रूट पर बसों का संचालन न होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गाजीपुर रूट के यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
दरअसल मऊ डिपो से संचालित एक भी बस गाजीपुर रूट पर संचालित नहीं होती है। ऐेसे में गाजीपुर रूट को जाने वाले यात्रियों को आजमगढ़, काशी, बलिया डिपो आदि के बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसमें भी अधिकांश बसों के डिपो में आने के बजाए गाजीपुर तिराहा से निकल जाने से यात्रियों की परेशानी में इजाफा हो जाता है। इसके अलावा आजमगढ़, गोरखपुर, बलिया रूट पर पांच से कम बसों का संचालन हो रहा है। इस बाबत एआरएम महेशचंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि गाजीपुर रूट पर परमिट न होने से बसों का संचालन नहीं किया जाता है।