मऊ। गर्मी में कुत्ते खूंखार होने लगे हैं। एक महीने (एक मार्च से 30 मार्च तक) कुत्ते 3750 लोगों पर हमला कर चुके हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे 125 लोग आ रहे हैं, जिन्हें कुत्तों ने जख्मी किया है। इन लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन दी जा रही है। इसमें 40 फीसदी बच्चे शामिल हैं।
जिले में एक मार्च से गर्मी पड़ रही है, तापमान 35 डिग्री से पार पहुंच रहा है, उधर तापमान बढ़ने से कुत्ते गुस्सैल हो रहे हैं। कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इस माह के बीते 30 दिन में जिला अस्पताल में 3750 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे हैं।
सोमवार को इस माह के आखिरी दिन 125 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने अस्पताल आए। एंटी रेबीज लगवाने पहुंची बारह साल की अविका ने बताया कि घर के बाहर वह टहल रही थी, इसबीच एक कुत्ते ने काट दिया। सात साल के अरुण ने बताया कि वह मुहल्ले में क्रिकेट खेल रहा था, इसबीच एक कुत्ते ने काट दिया। वहीं सुलेखा, श्रीराम, शील कुमार ने बताया कि वह घर के बाहर बैठे कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया।
इस संबंध में जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट भानू प्रताप ने बताया कि इस समय प्रतिदिन 125 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें करीब 40 फीसदी बच्चे हैं, जिनकी उम्र 15 वर्ष से कम है। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बताते हैं कि कुत्तों को भीषण गर्मी में भी पसीना नहीं आता है। इसलिए वह पानी और गीली मिट्टी में बैठते हैं और मुंह खोलकर हवा से अपना शरीर ठंडा रखने का प्रयास करते हैं।
गर्मी में सड़क पर घूमने वाले कुत्ते ऐसा स्थान ढूंढते हैं, जहां उन्हें राहत मिल सके। लेकिन, कई बार लोग उन्हें भगाते या छेड़ते हैं, तो वह उग्र होकर लोगों पर हमला कर दे रहे हैं। वह बताते हैं कि कुत्ते को छेड़ें नहीं और उनके लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करें।