क्षेत्र के जमीन बुढ़ान में श्रीमद भागवत कथा का विधि विधान से शुभारंभ किया गया। हरिद्वार से पधारे कथा व्यास महाराज गंगोत्री तिवारी ‘मृदुल’ ने कहा कि भागवत कथा पापों से मुक्ति दिलाती है। हमारे पूर्व जन्मों के पुण्य उदित होते हैं तो भागवत कथा को श्रवण करने का अवसर प्राप्त होता है।
कहा कि भागवत कथा श्रवण कर व्यक्ति के जीवन में ज्ञान का दीपक जागृत होता है। जीव गलत कार्यो से निवित्त होकर इसके प्रभाव से सत्कर्म में लग जाता है। परमात्मा सचितानंद स्वरूप है।भगवान सत्य चित आनंद के रूप में हमारे अंदर विराजमान रहते हैं। उनके ही बैरभ ाव से विश्व की रचना पालन और विनाश होता है। उनके माया के प्रभाव से ही यह असत्य संसार भी सत्य प्रतीत होता है। हम माया के वशीभूत होकर सत्य रूपी परमात्मा को भूल जाते हैं। परंतु भागवत कथा को श्रवण करने से हमारे ज्ञान रूपी नेत्र खुल जाते हैं। हम परमात्मा को पहचान जाते हैं तथा जीवन के जन्म मरण से मुक्त होकर भगवान के श्री चरणों में वास करते हैं।
इस अवसर पर आयोजक चंद्रभूषण पांडेय, महेंद्र कुमार पांडेय, अभिमन्यु पांडेय, अनूप पांडेय, अश्विनी पांडेय, चंद्रप्रकाश पांडेय, राधे श्याम, घनश्याम आदि मौजूद थे।