मऊ। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) को लागू हुए दो महीने हो गए है। पिछले 25 सितंबर को यह योजना लागू की गई थी लेकिन इस योजना के तहत चिह्नित जिले के 5 सरकारी अस्पताल और तीन निजी अस्पतालों में लाभ केवल 32 मरीजों को ही मिल पाया है। जबकि जिले में 10 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को प्रधानमंत्री पत्र वितरित किया जा चुका है। यानी इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या एक सौ के आकड़े को भी पार नहीं कर पाई है। इसमें 27 मरीजों का इलाज सिर्फ सदर अस्पताल में किया गया है।
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत सदर अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज सीएचसी, मुहम्मदाबाद और घोसी सीएचसी को चिह्नित किया गया है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में शारदा नारायण, प्रकाश अस्पताल और राहुल नर्सिंग होम शामिल है। योजना के तहत अभी तक केवल जिला अस्पताल में बीते दो माह में 27 मरीजों का उपचार किया गया है। जिसमें 12 मरीजों को सर्जिकल और शेष मरीजों को ओपीडी और दवाएं मुहैया कराई गई है। वहीं शेष अस्पतालों में अभी मरीजों का इलाज नहीं हुआ है। इसी तरह से प्राइवेट चिहिन्त अस्पतालों में केवल प्रकाश अस्पताल में पांच मरीजों का योजना के तहत इलाज किया गया है।
1350 बीमारियों का होता है इलाज
मऊ। 25 सितंबर से देशभर में शुरू हुई योजना से चिह्नित प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा है। इसके तहत मरीज 1350 बीमारियों का इलाज करा सकते है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज आदि इस योजना के तहत कवर किया गया है। इसके लिए जिले में 2011 सर्वे के तहत चिह्नित 1 लाख 11 हजार परिवारों के लिए 93075 प्रधानमंत्री केंद्र सरकार द्वारा भेजा जा चुका है। इसको दिखाने के बाद लाभार्थी को अस्पताल द्वारा गोल्डन कार्ड बनाकर दिया जाता है। जिससे वो अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सकता है।