मऊ। रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन धारकों को सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो रहा है। जिन लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी थी वह फिर से इसे पाने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं।
जिले में 230816 रसोई गैस कनेक्शन धारक हैं। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 78942 हजार गैस कनेक्शनधारी हैं। सिलिंडर की कीमत बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इससे कामर्शियल गैस रिफिल 1764 रुपये तथा घरेलू गैस सिलिंडर रिफिल 1022 रुपया है। सिलिंडर भरवाने के बाद खाते में सब्सिडी भेजी जाती है। लगभग 716 गैस कनेक्शन धारकों ने सब्सिडी छोड़ दिया था। अब सिलिंडर के दाम बढ़ने से सब्सिडी फिर से पाने के लिए जुगत में लग गए हैं। नियम के तहत सब्सिडी छोड़ने का कारण बताते हुए एजेंसी को प्रार्थना पत्र देना पड़ता है। जांच पड़ताल के बाद सब्सिडी जारी कर दी जाती है। वहीं सिलिंडर की कीमत बढ़ने से उज्जवला गैस योजना के तहत लगभग 40 % लाभार्थी उपयोग कर पा रहे हैं। पिपरीडीह के रीता, संगीता का कहना है कि कीमत बढ़ने से रिफिल करवाना मुश्किल हो रहा है। सिलिंडर रिफिल करने के बजाय चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है। मुंशीपुरा के सावित्री देवी, जानकी का कहना था कि एकमुश्त पैसा जुट न पाने के चलते रिफिलिंग नहीं हो पा रही है। इंडेन गैस एजेंसी मुंशीपुरा के प्रबंधक रत्नेश कुमार ने बताया कि किसी कारण वश उपभोक्ता ने सब्सिडी छोड़ दिया है तो आवेदन देकर सब्सिडी हासिल की जा सकती है। आवेदन देने पर कंपनी की तरफ से जांच पड़ताल की जाती है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के नोडल अधिकारी करतार सिंह का कहना है कि लाभार्थियों को सिलिंडर रिफिल कराने के लिए प्रेरित करने का प्रयास जारी है। सभी सुविधाएं दी जा रही है।