वर्तमान में एक तरह जहां मोबाइल के दौर में बच्चे और युवा घर में ही वीडियो गेम और अन्य गेम खेल रहे हैं। वहीं जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में नौं खेलों के 300 युवा खिलाड़ी मैदान पर पसीना बहा रहे हैं।
इनमें से विभिन्न खेलों में खिलाड़ी पदक भी जीतकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। जिला स्टेडियम मे वालीवाल डबाल, हॉकी, जिमनास्टिक, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी खेलों के प्रशिक्षक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उनमें नई उर्जा भरने का कार्य कर रहे हैं।
जिनमें हैंडबाल में 30 खिलाड़ी, हॉकी में 30 खिलाड़ी, कबड्डी में 25 खिलाड़ी, वॉलीबाल में 40 खिलाड़ी, फुटबॉल में 40 खिलाड़ी, कुश्ती में 30 खिलाड़ी, जिमनास्टिक में 25, क्रिकेट में 40 खिलाड़ी और एथलेटिक्स में 40 शामिल हैं।
मोबाइल से दूर हो ये खिलाड़ी प्रतिदिन 5 घंटें मैदान में सुबह और शाम अभ्यास करते हैं। इनमें से कई खेलों के खिलाड़ी राष्ट्रीय फलक पर मऊ का नाम रोशन कर चुके हैं। जो जिले के अन्य युवाओं के लिए मिसाल बने हुए हैं।
इन खिलाड़ियों ने देश में फहराया मऊ का परचम
जिला स्टेडियम में हैंडबाल का प्रशिक्षण प्राप्त कर हैंडबाल खिलाड़ी सचिन भारद्धाज ने भारतीय हैंडबाल टीम का प्रतिनिधित्व किया। वहीं उनकी पत्नी उज्जवला ने भी यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त कर महिला भारतीय टीम हैंडबाल टीम का प्रतिनिधित्व किया। दोनों कई देशों में कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उज्जवला भारतीय रेल में तो उनके पति सचिन आर्मी में सेवा देकर अब खेल विभाग में नौकरी कर रहे हैं। वहीं हॉकी में पूनम सिंह, निशा, रश्मि, साधना, सुनील, मनीष यादव, मजहर कमाल ने अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। सभी विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एथलेटिक्स में मनीषा यादव स्कूल नेशनल में वर्तमान समय में मेडल हासिल किया है।
अगले एक वर्ष कई खेलों में आएंगे मेडल
जिला क्रीड़ाधिकारी डीपी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में खेलों को लेकर सरकार ध्यान दे रही है। जिसके कारण जिला स्टेडियम में हाकी का एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड, हैंडबाल, वॉलीबाल और बास्केटबाल का सिंथेटिक ग्राउंड बना हुआ है। जिससे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यास का खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। जिससे आने वाले दिनों में कई खेलों में अच्छे मेडल आएंगे।