जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में आंख का चेकअप करते स्वास्थ्यकर्मी।संवाद
मऊ। ठंड के साथ प्रदूषण बढ़ने से लोगों की आंखों पर असर पड़ रहा है। हवा में धूल और जहरीले कणों की मात्रा बढ़ने के कारण आंखों में खुजली, जलन, पानी आने जैसी समस्या से लोग परेशान हैं। जिला अस्पताल के जिला अस्पताल के नेत्ररोग विभाग के ओपीडी आंखों के 30 फीसदी मरीज बढ़े हैं, इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों और किशोरों की है।
इस समय नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में रोज 100 से 110 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 70 से 80 मरीज प्रदूषण जनित एलर्जी के होते हैं। इनमें भी 50 से 60 मरीज 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे और किशोर हैं।
नेत्ररोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि आंखों में खुजली, जलन, पानी आने और लाल होने की समस्या से पीड़ितों की संख्या 20 से 30 फीसदी तक बढ़ी है। बताया कि पहले 50 से 60 मरीजों में ऐसी समस्या मिल रही थी। अब इनकी संख्या 70 से 80 फीसदी तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि इस समय हवा में मौजूद सूक्ष्म कण आंखों की सतह पर जमा होकर उसे उत्तेजित कर रहे हैं। इससे आंखों में एलर्जी का खतरा बढ़ गया है। आंख लाल होने की समस्या पीड़ितों की संख्या ज्यादा है।
यह किसी संक्रमण की वजह से नहीं बल्कि प्रदूषण से हो रहा है। लोगों की आंखें प्रदूषित कणों के संपर्क में आने के बाद सूजने लगती हैं और कुछ मरीजों में एलर्जी के कारण पलकें चिपकने की समस्या भी बढ़ी है।