हर साल बाढ़ और कटान से तटवर्ती इलाकों को तबाह करने वाली घाघरा बारिश के बाद फिर उफान पर है। नदी की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। धनौली रामपुर गांव के समीप कटान शुरू हो गई है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती इलाकों के लोगों बेचैनी बढ़ गई है। घाघरा में उफान आने से संवेदनशील इलाका धनौली रामपुर गांव के सामने कटान शुरू हो गई है। कटान के चलते गांव के साथ ही दोहरीघाट-आजमगढ़ मार्ग भी खतरे में पड़ गया है। सड़क के बीच की दूरी मात्र 70 मीटर रह गई है।
नदी के जलस्तर पर नजर डाली जाए तो नदी का जलस्तर सोमवार को 68.80 मीटर रहा। मंगलवार को 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि गौरीशंकर घाट पर नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है।
नदी लगातार खतरे निशान की ओर बढ़ रही है। भारत माता मंदिर पर पानी का दबाव बढ़ने से कस्बेवासियों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। कस्बा के रामघाट पर मल्लाह टोला के छोटक निषाद, कोदई, सीताराम, हरखचंद, रामचंद्र की नाव बांधी थी, सोमवार की रात तेज धारा में पांचों नाव बह गई।
चार नावें बड़हलगंज में मिलीं, एक का पता नहीं चल पाया है। धनौली रामपुर के समीप नदी की लहरें टकराने से कटान तेज हो गई है। नदी के आसपास क्षेत्रों के किसान दहशत के चलते खेतों में नहीं जा रहे हैं। इससे खेती किसानी कार्य ठप होने से लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है।
दोहरीघाट कस्बा सहित धनौली रामपुर गांव, चिऊटीडांड, लामी,तारनपुर, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया सहित तटवर्ती इलाकों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं मुक्तिधाम, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, दुर्गा मंदिर सहित एतिहासिक धरोहरों पर संकट गहराने लगा है।
इस संबंध में ग्राम प्रधान संतोष मौर्य, प्रजापति राय, परमहंस राय, रामबचन राय, धर्मेंद्र कुमार राय, संतोष राय, अतुल कुमार राय का कहना था कि प्रतिवर्ष गांव में कटान होती है। कटान रोकने के नाम पर अब तक करोड़ों रुपया खर्च किए जा चुके हैं लेकिन कटान समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सका है। कटान रोकने का उपाय अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे।