पुलिस लाइन परिसर स्थित महिला थाने में रविवार को परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान परामर्श केंद्र में कुल 45 पारिवारिक विवाद के मामले आए। परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 23 मामलों का निस्तारण किया जा सका। जिसमें पांच जोड़ों ने अपना सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। इससे दस परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते जुड़ जाने से उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। तीन मामलों में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 22 जुलाई नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव और परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से अंजू और मुकेश, दीपांजलि और सत्येंद्र, शालू और संजय, संतोष पांडेय और अन्नपूर्णा तथा मजहर निलोफर ने अपना सभी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। वही विनय और सिंधू, नमिता पुरी और निशांत, अजीजा खातून और शमीम, खुर्शीद कमाल और आशिया, अबू बकर और गुलनाज, सलमा खातून और मुहम्मद नासिर, माधुरी और राजकुमार, नजमा और जियाउल मुस्तफा, चंद्रकला और प्रेमचंद, प्रियंका और आलोक, अनिता और सुनील, शबनम खातून और मुहम्मद शादिक तथा रीना देवी और रामबचन के मामले में मामला कोर्ट में विचाराधीन होने, पक्षकारों के बीच सुलह न होने तथा पक्षकारों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वहीं संजू और डा. संजीव, शाइस्ता और मुहम्मद अरशद तथा राजेश्वर और संयुक्ता देवी के मामले में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी गई। इस दौरान सात मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुआ तथा 13 मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ।
जिसके चलते कुछ मामलों में बैठक की अगली तिथि 22 जुलाई तथा कुछ में 29 जुलाई की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, डा. एमए खान, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, अर्चना उपाध्याय, रेशमा हासमी, मौलवी अरशद, महिला थाना की निरीक्षक अनीता सिंह, दरोगा विंध्यवासिनी पांडेय, दीवान चंदा सिंह, आरक्षी पुष्पा गुप्ता ने अपना योगदान दिया।