चिरैयाकोट के जिला पंचायत सदस्य रामप्रताप यादव से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए युवकों के पास से धमकी देने में प्रयुक्त मोबाइल और चार सिम भी मिले। इसका खुलासा एसपी अनिल कुमार ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रेसवार्ता में किया।
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के देवखरी निवासी उद्ेश्य सिंह ने 26 मार्च को चिरैयाकोट के जिला पंचायत सदस्य रामप्रताप यादव को फोन कर बदमाश सुजीत सिंह के नाम पर एक लाख रुपये रंगदारी मांगी। रामप्रताप यादव ने 28 मार्च को इस संबंध में चिरैयाकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। घटना की जांच के बाद मंगलवार को पुलिस ने उद्ेश्य सिंह को रामनवल डिग्री कालेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल और वोडाफोन का सिम बरामद हुआ।
पूछताछ मेें पता चला कि उसने चिरैयाकोट स्थित एक दुकान से बिना किसी प्रमाण पत्र के 100 रुपये में वोडाफोन का सिम लिया था। जांच में यह भी पता चला कि कंपनी के वितरक की मिलीभगत से कुछ दुकानदार फर्जी आईडी पर प्री एक्टिवेटेड सिम बेच रहे हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी उद्ेश्य सिंह का साथ देने के आरोप में सिम विक्रेता चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के युसुफाबाद निवासी सोनू चौरसिया और वोडाफोन के वितरक एकलाख अहमद निवासी दतौड़ा थाना रानीपुर को भी गिरफ्तार कर लिया।