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राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करके ले लिया 27लाख रुपए मुआवजा

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मऊ। घोसी तहसील क्षेत्र के अमिला गांव से होकर गुजरी फोरलेन सड़क में, एक व्यक्ति ने अभिलेखों में हेराफेरी कर बंजर भूमि को अपने नाम करा लिया। बाद में जमीन जब अधिग्रहित हुई तो एनएचआई से 27 लाख रुपया मुआवजा ले लिया। इस गाट में एक और हिस्से दार को जब इस गोलमाल का पता चला तो उसने इसकी शिकायत डीएम ने किया। शिकायत की जांच कराने पर शिकायत सही मिली।
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इस क्रम में कार्यकाल के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने एसएलओ ऑफिस के अमीन के साथ संविदा कर्मचारी के साथ धोखाधड़ी कर रुपया लेने वाले किसान के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी किसान ने बैंक खाते से साढ़े 13 लाख रुपये निकाल लिया है। शेष रकम निकालने पर रोक लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
शिकायत के अनुसार अमिला ग्राम पंचायत में गाटा संख्या 4348 का क्षेत्रफल 509 कड़ी है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार इस गाटे में 250 कड़ी भूमि अमिला निवासी विकास गुप्ता के नाम भूमिधरी है। जबकि 259 कड़ी बंजर है। आरोप है इस गाटे की बंजर भूमि पर गांव के एक व्यक्ति ने चकबंदी अभिलेखों में हेराफेरी करके वर्ष 2011 में अपना नाम दर्ज करा लिया। इस मामले में चकबंदी अधिकारी और अंतिम अखिलेख मोहम्मदाबाद गोहना के न्यायालय में मुकदमा भी विचाराधीन है। उसी गाटे से होकर फोरलेन का निर्माण हो रहा है।
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आरोप है कि एसएलओ ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत से विवादित भूखंड का मुआवजा 17 मार्च 2020 को 27 लाख 20 हजार 383 रुपए गांव के सिद्धार्थ नारायण के बैंक खाते में भेज दिया गया। इसकी जानकारी जब गांव के विकास गुप्ता को हुई तो विकास ने 22 जुलाई 2020 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्रदेकर जांच की मांग किया । पांच दिन बाद 27 जुलाई को विकास ने फिर डीएम, सीएम और कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की। जिलाकारी द्वारा कराई गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। लेखपाल की रिपोर्ट से लेकर कई कागजातों में हेरा फेरी उजागर हुई।
जिलाधिकारी ने 7 सितंबर 2020 को इस मामले मेें शहर कोतवाली में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। इस संबंध में लेखपाल अमित सिंह की तहरीर पर पुलिस ने प्रकरण में आरोपी एसएलओ ऑफिस के अमीन शकील अशरफ, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार और वर्तमान में एसएलओ ऑफिस में संविदा पर कार्यरत शिवराम तथा सिद्धार्थ नारायण राय के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में 7 सितंबर 2020 को ही मुकदमा दर्ज कर लिया। इस संबंध में विकास गुप्ता का कहना है कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी में रुचि नहीं ले रही है उधर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसिंह का कहना है कि पुलिस प्रकरएण की जांच कर रही है। विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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