मऊ। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव के लिए किए गए आरक्षण के विरोध में शुक्रवार तक 250 आपत्तियां आई हैं। आपत्तियों में अधिकांश प्रधान पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।
आपत्तियों में कहा गया है कि अवरोही चक्रानुक्रम में गांवों की जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या को नजरअंदाज किया गया। आरक्षण को लेकर आपत्तियों का सिलसिला रोजाना बढ़ रहा है। आपत्ति कर्ता वर्षा ने आपत्ति की है कि हरदसपुर ग्राम पंचायत की सीट किस आधार पर अनुसूचित जाति के लिए की गई है। इसी प्रकार हर आपत्ति कर्ता का दावा है कि अवरोही चक्रानुक्रम में किया गया आरक्षण मानक के दिशा निर्देशों को पूरा नहीं करता है। लोगों का कहना है कि आरक्षण सूची में कई बिंदुओं पर ध्यान नहीं दिया गया है। इसके चलते काफी संख्या में आपत्तियां आ रही हैं। जानकारों का कहना है कि भारी संख्या में आ रही आपत्तियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि गाइडलाइन का ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नहीं किया गया है। इसी प्रकार अदरी देहात के निवासी रामजी का कहना है कि गांव को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है जबकि इस गांव में इस वर्ग के मतदाताओं की संख्या काफी कम है। इस संबंध में डीपीआरओ का कहना है कि आठ मार्च तक आपत्तियों को संकलित किया जाएगा। इसके बाद उनका अध्ययन किया जाएगा और गाइड लाइन के अनुसार 12 मार्च तक आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। कोपागंज ब्लाक में बीडीसी पद के लिए तीन और प्रधान पद के लिए एक आपत्ति प्रस्तुत की गई।