जलनिगम द्वारा संचालित हो रही पेयजल योजना को नगर पंचायत द्वारा हैंडओवर किया जा सकता है। इसके लिए नगर पंचायत और जलनिगम के बीच कवायद चल रही है। हैंडओवर होने के बाद नगर पंचायत में पेयजल सुविधा जहां बेहतर होने की उम्मीद हैं, वहीं इससे नगर पंचायत के राजस्व में वृद्धि भी हो सकेगी। जलनिगम द्वारा पेयजल योजना को हैंडओवर करने के पीछे बजट का अभाव बताया जा रहा।
जिले में तीन दशक पूर्व शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए ग्राम समूह योजना के तहत पेयजल योजना शुरू की गई है। इसी योजना के तहत मधुबन तहसील में 1973-74 में उस समय 15 गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए पेयजल योजना शुरू की गई थी। तीन दशक से पुरानी पेयजल योजना से वर्तमान में नगर पंचायत के 15 वार्डो में 422 परिवारों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है। लेकिन बीते कुछ सालों में बजट के अभाव में विभाग द्वारा ग्रामी समूह योजना के तहत पेयजल योजनाएं दम तोड़ रही है। इसको देखते हुए जलनिगम विभाग द्वारा योजना को नगर पंचायत को हैंडओवर करने का प्रस्ताव बनाया है। इसके लिए दोनों विभागों के बीच कवायद भी शुरू की जा चुकी है। इस संबंध में जलनिगम के अवर अभियंता अजीत पांडेय ने बताया कि हैंडओवर के लिए प्रयास किया जा रहा है। विभाग की मंशा है कि मऊ नगर पालिका के तर्ज पर पेयजल योजना को मधुबन नगर पंचायत को हैंडओवर किया जाए। वहीं वर्तमान में विभाग के पास बजट न होने के चलते पेयजल सुविधा दम तोड़ चुकी है, आए दिन पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों लीटर पानी जहां व्यर्थ बहकर नुकसान हो रहा हैं, वहीं लोगों के घरों में प्रेशर से पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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एक हजार से 422 तक पहुंचे उपभोक्ता
मधुबन। पेयजल योजना की शुरुआत में उपभोक्ताओं की संख्या एक हजार से ऊपर थी, वर्तमान में यह संख्या सिमट कर 422 रह गई है। इसके पीछे विभाग द्वारा मरम्मत न कराने से आ रही समस्या है, इससे विभाग को वर्तमान में बमुश्किल 7 से 8 हजार का राजस्व हो रहा है। वहीं नगर पंचायत द्वारा हैंडओवर करने के बाद बढ़े शुल्क के दर से प्रति उपभोक्ता 50 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 20 हजार से ज्यादा का राजस्व मिलेगा। सुविधा बढ़ने पर उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ेगी।
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जलनिगम देगा नपां कर्मियों को प्रशिक्षण
मधुबन। जलनिगम के अवर अभियंता ने बताया कि नगर पंचायत योजना को हैंडओवर करती है तो विभाग के कर्मचारी चार से पांच माह से नगर पंचायत कमिर्यो के साथ काम करेंगे और उन्हें पेयजल योजनाओं के संचालन का प्रशिक्षण देंगे।
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हैंडओवर की प्रक्रिया जारी है। नगर पंचायत ने जलनिगम से शर्त रखी है कि जब तक वह जर्जर पाइपलाइनों को दुरुस्त नहीं करेगा तो हैंडओवर की प्रक्रिया में बाधा आएगी।
माधुरी मद्धशिया, नगर पंचायत अध्यक्ष