बढ़ुआ गोदाम। परदहा ब्लाक के अहिदाद गांव में सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए ग्राम सभा की भूमि प्रबंध समिति के प्रस्ताव की अनदेखी करके उपजिलाधिकारी ने एक अन्य भूखंड को आवंटित कर दिया। ग्राम प्रधान ने इसे अपने और ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण मानते हुए विरोध जताया है। प्रधान ने प्रभारी जिलाधिकारी को 22 सितंबर की देर शाम को प्रभारी जिलाधिकारी को इस्तीफा का पत्र सौंप दिया। उपजिलाधिकारी की कार्रवाई से नाराज कई और ग्राम प्रधान सोमवार को अपने त्याग पत्र देने की तैयारी में है। प्रधान संघ इसके विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
अहिलाद ग्राम पंचायत के प्रधान की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र में लिख गया है कि ग्राम प्रचायत की प्रबंध समिति की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए गांव सभा की गाटा संख्या 377 में 0.106 हेक्टेएयर भूमि का आवंटन करने के लिए 25 अगस्त 2018 को प्रस्ताव पारित करके भेजा था। लेकिन इस प्रस्ताव को दरकिनार करके स्वविवेक से लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से आख्या लेकर नवीन परती की गाटा संख्या 287 पर विद्यालय के लिए प्रस्ताव करा दिया गया। ग्राम प्रधान ने लिखा है कि इस बदलाव के लिए ग्राम पंचायत की भूूमि प्रबंध समिति को न तो कोई नोटिस दी गई और न ही कोई सलाह अथवा जानकारी ही दी गई।
ग्राम प्रधान और ग्राम प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष धनंजय सिंह झब्बू का कहना है कि जिस भूमि का प्रस्ताव भूमि प्रबंध समिति ने किया था। वह नये फोरलेन के किनारे है इसके हरे भरे पेड़ हैं, खाली जमीन है और इसे दरकिनार कर उपजिलाधिकारी ने जो प्रस्ताव स्वीकृत किया है, वह गांव से एक किलोमीटर दूर है। उस पर दूसरे किसी व्यक्ति का कब्जा है और उसमें धान की फसल रोपी गई है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण को लेकर सोमवार को ग्राम प्रधान संघ की ओर से कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार सदर का कहना है कि भूमि प्रबंध समिति ने जिस भूमि का प्रस्ताव दिया था, वह भूमि विवादित है, इसलिए उसके स्थान पर निर्विवादित भूमि का आवंटन किया गया है।