अब मदरसों में भी एनसीआरटी की पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से सभी विषयों की पढ़ाई की जाएगी। यह निर्णय उप्र मदरसा शिक्षा परिषद ने लिया है। परिषद के रजिस्ट्रार ने इन विषयवार और भाषावार विकल्प भरकर देने का निर्देश मदरसा संचालकों को दिया है। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, कंप्यूटर विज्ञान और सामाजिक विज्ञान आदि विषयों की पढ़ाई मदरसा संचालक उर्दू , हिंदी अथवा अंग्रेजी माध्यम में से किस भाषा में कराना चाहते हैं यह जानकारी परिषद को देनी है। जिसके आधार पर विषयवार पाठ्यइ पुस्तकें सुलभ कराई जाएंगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को 16 मई 2018 को भेजे गए पत्र में रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने लिखा है कि15 मई को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की हुई बैठक में प्रदेश के अरबी फारसी मदरसों के शैक्षिक उन्नयन, मानकीकरण एवं शैक्षिक एकरूपता, गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर विज्ञान और सामाजिक विषय की पढ़ाई के लिए एनसीआरटी की पाठ्यपुस्तकें लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। ये पाठ्य पुस्तकें इसी शिक्षा सत्र से लागू की जाएंगी। इन विषयों की पाठ्यपुस्तकों को किसी उर्दू , हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा का माध्यम चुनने की छूट मदरसा संचालकों को दी गई है। रजिस्ट्रार ने लिखा है कि मदरसा संचालक भाषा का माध्यम चुनकर बोर्ड द्वारा निर्धारित पपत्र 15 दिन के अंदर भेजें।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया कि मदरसों में एनसीआरटी की पाठ्य पुस्तकों के लगा किए जाने से छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। साथ ही इन छात्रों में अन्य शिक्षा बोर्डों से पढ़ने वाले छात्रों के समान आगे की पढ़ाई में बेहतर माहौल का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि मदरसों से आने वाले विकल्प पत्र को मदरसा शिक्षा बोर्ड को भेजा जाएगा। जिससे नये शैक्षिक सत्र से इन पाठ्यपुस्तकों को सुलभ कराया जा सके।