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मजबूरी नहीं जरूरी समझें हेलमेट प्लान की खबर

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मऊ। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने को काफी संख्या में युवा मजबूरी समझते हैं। पकड़े जाने के डर से ही कुछ लोग दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनते हैं। लेकिन यह धारणा उचित नहीं है। इस धारणा को बदलना होगा।हेलमेट पहनने से कई प्रकार की सुरक्षा मिलती है। यह समझकर अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी मानते हुए हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए। पहली बात तो हेलमेट पहनने से वाहन चलाते समय होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटना में हेलमेट सिर की सुरक्षा करता है। हेलमेट से धूल, धुंआ,धूप पानी तेज हवा , उड़ते पक्षियों आदि से भी सुरक्षा होती है।
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आएमए के अध्यक्ष डा. पीएल गुप्ता युवाओं कहते हैं कि दोपहिया वाहन चलाते समय वे हमेशा हेलमेट पहनें। हेलमेट पहनने को मजबूरी नहीं अपितु अपनी आदत में डालें। उनका कहना है कि युवा केेवल चेकिंग के डर से ही हेलमेट न पहने बल्कि जब भी दोपहिया वाहन निकालें उससे पहले हेलमेट पहन लें। कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बात कदापि न करें। छह से लेकर सात लोगों की प्रत्येक माह सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत लोग हेलमेट नहीं पहने होते हैं।
उधर इनर ह्वील क्लब की अध्यक्ष शरद टंडन बाइक अथवा स्कूटी चलाने वाली युवतियों महिलाओं का आह्वान करती हुए कहती हैं कि वे बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की आदत डाल लें। इससे उन्हें ही कई लाभ मिलेंगे। सिर की सुरक्षा से लेकर कई प्रकार की सुरक्षा हेलमेट देता है। कहतीं हैं कि स्कूटी चलाते समय मोबाइल से बात कभी न करें। ऐसा करना अपनी सुरक्षा को खतरे में डालने के समान है। कहती हैं कि यदि जरूरी हो तो फोन आने पर जगह मिलने पर स्कूटी रोक कर बात कर लेना चाहिए। उनकी सलाह है कि तेज गति से वाहन नहीं चलाएं और कभी भी स्कूटी से तीन सवारी न चलें।
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पुलिस ने बाइक सवारों के विरुद्ध चलाया अभियान 315 बाइकों का चालान
प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोमवार से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट , तेज गति वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करने तथा बाइक पर तीन सवारी चलने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया। यातायात पुलिस ने अपनी तरफ से अलग से अभियान चलाया। हालांकि यह अभियान अन्य अभियानों की भांति शाम छह बजे से शुरु किया गया। समाचार लिखे जाने तक विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई चेकिंग में 315 मोटरसाइकिलों का चालान विभिन्न अनियमितताओं में किया जा चुका था। समन शुल्क के रूप में 27 हजार 300 रुपये वसूल किए । समाचार लिखे जाने यह अभियान जारी रहा। जिला मुख्यालय पर यातायात पुलिस की ओर से चलाए गए अभियान में मोबाइल से बात करते समय बाइक चलाते हुए 11 युवकों को पकड़ा। निर्धारित गति से तेज रफ्तार से बाइक चलाने वाले 16 वाहन चालक पकड़े गए । जबकि 12 युवा ऐसे पकड़े गए जो तीन सवारियों के साथ बाइक चला रहे थे। यातायात पुलिस ने इन सबका चालान किया जबकि समन शुल्क के रूप में 2300 रुपये वसूल किए। सरायलखंसी थाने की पुलिस ने समाचार लिखने तक 39 बाइकों का चालान किया था। जब कि दक्षिण टोला थाने की पुलिस ने 36 बाइकों का चालान किया था। शहर कोतवाली पुलिस की ओर से चलाए गए अभियान में कुल 41 बाइकों का चालान किया गया।
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