मऊ। रबी सीजन के सिंचाई के पीक आवर में दोहरीघाट पंप कैनाल सहित प्रमुख नहरों में सफाई कार्य चल रहा है। इसके चलते अगेती गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। लेटवेराइटी धान के फसल वाले खेतों की भराई नहीं हो सकी है। किसानों को रबी की बुआई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। परेशान किसानों ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
जिले में 2477 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि की सिंचाई के लिए जिले में करोड़ों की लागत से बनी तीन नहरें है। इन तीनों प्रमुख नहरों के 70 माइनर हैं। रबी सीजन के गेेहूं सिंचाई के पीक आवर में दोहरीघाट पंप कैनाल तथा शारदा सहायक 32 में सफाई कार्य चल रहा है। पीक आवर में नहर बंद होने से खेतों में लेट वेराइटी वाले धान की फसल लगाने वाले काफी किसान अभी तक खेतों की भराई नहीं कर पाए हैं। अगेती रबी फसल की फसल सिंचाई योग्य हो गई है, लेकिन नहर बंद चल रही है।
चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल दोहरीघाट से मऊ और बलिया मिलाकर हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाने की क्षमता है। लेकिन नहर में सिल्ट सफाई 15 दिसंबर तक चलेगा। शारदा सहायक खंड 32 में खरीफ सीजन से ही पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते खेती किसानी भगवान भरोसे हो रही है। रबी सीजन में अभी तक पानी न छोड़े जाने से किसानों को बुआई पिछड़ने की चिंता सताने लगी है। नहर के हेड टेल पर सफाई कार्य होना बताया जा रहा है। यही हाल लघु डाल खुरहट पंप कैनाल नहर का है। किसानों का कहना है कि माइनरों में टेल तक पानी न पहुंचने से कृषि कार्य जैसे तैसे हो रहा है। सिंचाई करने के समय विभाग की तरफ से सिल्ट सफाई कराई जाती है। इस बाबत दोहरीघाट पंप कैनाल नहर के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि नहर का सिल्ट सफाई कार्य चल रहा है। ई टेंडरिंग प्रक्रिया में देर के चलते समस्या आई है। समय से नहर को चालू कर दिया जाएगा। शारदा सहायक खंड 32 के अवर अभियंता कमाल अख्तर का कहना है कि नहर के हेड टेल पर सफाई कार्य चल रहा है।एक हफ्ते के अंदर नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
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अविलंब छोड़ा जाए नहर में पानी
रतनपुरा / बोझी बाजार। रबी सीजन के पीक आवर में शारदा सहायक खंड32 तथा तदोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध कुशाडीह सहित कई माइनरें बंद होने से खेती किसानी भगवान भरोसे होऌ रही है। शिकायत के बाद समस्या का निस्तारण न होने से परेशान किसान प्रशासनिक अधिकारियों की राह ताक रहे हैं।
शारदा सहायक खंड 32 नर बड़रांव तथा रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से गुजरी है। इसके अलावा दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध माइनरें गांवों से होकर निकली हैं। लेकिन रबी सीजन में नहर बंद चलने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इस संबंध में क्षेत्र के प्रभुनाथ यादव, सूर्यभान सिंह, महेंद्र कुमार, श्रीराम मौर्य का कहना है कि सिंचाई की जरूरत है, लेकिन शारदा सहायक खंड 32 नहर चार माह से सूखी पड़ी है। जरूरत के समय नहर में पानी ही नहीं छोड़ा जाता है। नो डिमांड में पानी छोड़ दिया जाता है। जरूरत के हिसाब से रोस्टर बनाकर पानी छोड़े जाने की मांग की है।
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अधिकांश समितियों पर नदारद है खाद बीज
मऊ। रबी सीजन के पीक आवर में जिले के अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर खाद बीज नदारद है। समितियों पर समय से खाद बीज न मिलने से किसानों को महंगे दर पर खाद बीज खरीदना पड़ रहा है। समितियों पर खाद बीज की उपलब्धता न होने से निजी दुकानदारों की खूब चांदी कट रही है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि रबी के सीजन में कई समितियों पर खाद बीज की आपूर्ति अभी तक नहीं की जा सकी है।विभाग की तरफ से 23 साधन सहकारी समितियों को धान क्रय केंद्र बना दिया गया है। इससे खाद बीज देने में सचिव आनाकानी कर किसानों को बैरंग लौटा दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी मामले को लटका दिया गया है।