प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरीय) की समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। इस अवसर पर घोसी में 200 लाभार्थियों के आवेदन पत्र उपलब्ध मिले जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को आवेदन पत्रों का सत्यापन कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में अधिशासी अधिकारी के कार्य में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट की।
जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने कहा कि जितने भी कार्य अपूर्ण है उसको जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। मऊनाथ भंजन में 2500 आवेदन पत्र मिले जिसको जिलाधिकारी द्वारा तीन दिन के अंदर इसका सत्यापन कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा परियोजना अधिकारी डूडा को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरीय) के कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरीय) भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक अहम योजना है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा काफी ध्यान दिया जा रहा है इसलिए इस कार्य को गुणवत्तापूर्ण ठंग से करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने जिला समन्वयक को सख्त निर्देश दिया कि उसकी टीम में जो भी कर्मचारी कार्य कर रहा है वह अधिशासी अधिकारी की देख-रेख और उसकी मंजूरी पर कार्य करें। ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरीय) से संबंधित आईजीआरएस में जितने भी शिकायतें आती हैं उसका निस्तारण जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, उप जिलाधिकारी मुहम्मदाबादगोहना अतुल वत्स, उप जिलाधिकारी सदर अंकुल लाठर, उपजिलाधिकारी घोसी, उपजिलाधिकारी मुधबन, परियोजना अधिकारी डूडा आदि उपस्थित रहे।