मधुबन थाना क्षेत्र के बस्ती वर्षी निधियाव गया निवासी कन्हैया कुमार तथा सीआरपीएफ 31 बटालियन के जवान की बीमारी के चलते ड्यूटी के दौरान मौत हो जाने के चलते परिवारजनों सहित क्षेत्रवासियों में शौक की लहर दौड़ गई। सीआरपीएफ के विभागीय वाहन से जवान का शव गांव पहुंचते ही परिवारजनों में कोहराम मच गया। श्रद्धासुमन अर्पित करने वाले लोगों का तांता लग गया। लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
सोमवार की सुबह में बस्ती वर्षी निधियाव गांव मे सीआरपीएफ के जवान कन्हैया लाल (55) पुत्र हरदेव मयूर बिहार दिल्ली में सीआरपीएफ 31 बटालियन ड्यूटी के दौरान अचानक पेट संबंधित बीमारी के चलते चलते बीते 28 नवंबर को दिल्ली के प्रयाग अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान अस्पताल मे निधन हो गया। जवान का शव सोमवार को सीआरपीएफ के जवानों ने दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से लाया गया उसके बाद वाराणसी पहड़िया 95वी बटालियन यूपी के सीआरपीएफ के विभागीय वाहन से जवान का शव गांव पहुंचते ही परिवारजनों में कोहराम मच गया। पूरा गांव सहित क्षेत्रवासियों ने जवान के घर पहुचकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। शव के पहुंचते ही हर किसी की आंख नम हो गई थी। वहीं जवान के शव को सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मृतक जवान कन्हैया लाल की दो पुत्रियां अमन व अंशिका एक पुत्र आदित्य व पत्नी सुभवती का रो रो कर बुरा हाल था। गार्ड ऑफ ऑनर देेनेवालों में सीआरपीएफ के एसआई रामचंद्र मौर्य,रविंद्र यादव,रमेश वर्मा,राकेश सिंह,धनन्जय मिश्र, आदि शामिल रहे। गांव के ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश यादव, राजू, अशोक शुक्ल, मुखलाल, जगरनाथ, अनिल कुमार गौतम, मनीष सिंह, आनंद कुमार वर्मा आदि शामिल रहे।